पीओके में JAAC नेताओं की गिरफ्तारी पर 1 करोड़ रुपये का इनाम, भारत ने उठाई आवाज़
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इनाम की घोषणा
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) प्रशासन ने प्रतिबंधित संगठन जाइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के चार नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए 1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इनाम की घोषणा जिन नेताओं के लिए की गई है, उनमें शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, ख्वाजा मेहरान अरशद और सरदार अमन खान शामिल हैं। जारी अधिसूचना में बताया गया है कि तथाकथित 'आजाद जम्मू-कश्मीर' के राष्ट्रपति ने JAAC से जुड़े इन व्यक्तियों की गिरफ्तारी में सहयोग करने वालों को इनाम देने का निर्णय लिया है।
JAAC एक सिविल सोसाइटी गठबंधन है, जो हाल के महीनों में पीओके में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है। संगठन ने 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले शरणार्थियों के लिए 45 में से 12 सीटें आरक्षित किए जाने के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन से एक दिन पहले क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और कई स्थानों पर झड़पें हुईं।
पिछले सप्ताह प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के कारण JAAC पर औपचारिक प्रतिबंध लगा दिया था। संगठन के सदस्यों ने इसे दमनकारी कार्रवाई बताते हुए इसका विरोध किया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि, विभिन्न पक्षों द्वारा हताहतों और गिरफ्तारियों के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
इस बीच, भारत ने पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई की आलोचना की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को उसके कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और अन्य कार्रवाइयों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए।
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने भी JAAC पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने अत्यधिक बल प्रयोग, नागरिकों और कानून-प्रवर्तन अधिकारियों की मौत तथा संचार सेवाओं के बाधित होने की घटनाओं की निंदा की है।