पीओके में विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तानी हुक्मरान जेएएसी नेतृत्व को खत्म करने की योजना बना रहे हैं
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच यह जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान के शासक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं, ताकि आंदोलन को समाप्त किया जा सके।
जेएएसी, पीओके में बेहतर सुविधाओं की कमी, बढ़ती महंगाई, राजनीतिक भेदभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है। इस संगठन ने सरकार और सुरक्षा बलों की चेतावनियों के बावजूद अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया है।
एक खुफिया अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान, विशेषकर सेना, अब धैर्य खोते जा रहे हैं। सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर आंदोलन को समाप्त करने के पक्ष में हैं और सरकार पर प्रदर्शनकारियों की मांगों के आगे झुकने का दबाव बना रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि मुनीर पहले भी सुरक्षा बलों के साथ बैठकों में आंदोलन को बलात दबाने के निर्देश दे चुके हैं। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर उठे बवाल के बाद शासक क्षेत्र में स्थिति सामान्य करने के लिए प्रदर्शन को जल्द समाप्त करना चाहते हैं।
हालांकि, जेएएसी नेतृत्व ने इस कथित खतरे के बावजूद पीछे हटने से इनकार कर दिया है। संगठन ने लोगों से कहा है कि वे किसी भी प्रकार के दबाव से न डरें और आंदोलन जारी रखें। नेताओं ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि यदि नेतृत्व के सभी सदस्य भी मारे जाएं, तो भी यह आंदोलन जनता का आंदोलन बना रहेगा।
जेएएसी का कहना है कि उनका आंदोलन बढ़ती जीवन-यापन लागत, राजनीतिक भेदभाव, अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ है। संगठन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय असहमति को दबाने का प्रयास कर रही है।
भारत ने भी पीओके में कथित बल प्रयोग को लेकर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान ने स्थानीय लोगों की जायज चिंताओं को दूर करने के बजाय पुलिस कार्रवाई, इंटरनेट प्रतिबंध, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग का सहारा लिया है।
इस बीच, जेएएसी द्वारा बड़े मार्च की घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस मार्च में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नाकेबंदी कर रखी है और चेतावनी दी है कि इसे तोड़ने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जेएएसी ने बुधवार को मुजफ्फराबाद तक मार्च जारी रखने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह आंदोलन अब केवल मांगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धीरे-धीरे प्रतिरोध आंदोलन का रूप ले रहा है।