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पुंछ में ड्रोन घुसपैठ: भारतीय सेना ने फिर दिखाई तत्परता

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन घुसपैठ की घटना सामने आई है। भारतीय सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ड्रोन को वापस भागने पर मजबूर कर दिया। यह घटना तीन दिनों में दूसरी बार हुई है, जिससे सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये ड्रोन हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। पुंछ सेक्टर में चौकसी बढ़ा दी गई है।
 

पाकिस्तान की संदिग्ध गतिविधियाँ


जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट एक बार फिर पाकिस्तान की संदिग्ध गतिविधियाँ देखने को मिली हैं। रविवार को डिगवार सेक्टर में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ का पता लगाते ही त्वरित कार्रवाई की। यह ड्रोन सुबह लगभग 6:10 बजे भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करता हुआ पाया गया, जिसके बाद सेना ने उसे वापस भागने के लिए मजबूर करने के लिए दर्जनों राउंड फायरिंग की।


ड्रोन की वापसी

सैन्य सूत्रों के अनुसार, ड्रोन तो गोलीबारी से बच निकला, लेकिन कुछ समय तक आसमान में मंडराने के बाद वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर लौट गया। यह घटना तीन दिनों में दूसरी बार हुई है जब LoC पर ड्रोन गतिविधि देखी गई है, जिससे भारतीय सेना को सख्त कदम उठाने पड़े। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे हथियारों, नशीले पदार्थों या जासूसी के लिए गंभीर प्रयास मानते हैं।


जवाबी फायरिंग का विवरण

रविवार सुबह डिगवार क्षेत्र में तैनात सैनिकों ने संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि को देखा। जैसे ही ड्रोन भारतीय सीमा में दाखिल हुआ, सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की। लगभग दर्जनभर राउंड फायरिंग के बाद ड्रोन वापस लौटने पर मजबूर हो गया। हालांकि, इसे नष्ट नहीं किया जा सका, लेकिन यह पाकिस्तानी क्षेत्र की ओर भाग गया।


सुरक्षा बलों की चिंता

यह घटना 27 फरवरी को इसी क्षेत्र में हुई ड्रोन घुसपैठ के बाद दूसरी बार है। उस दिन भी सेना ने संदिग्ध ड्रोन पर फायरिंग की थी। लगातार दो घटनाएँ सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं, क्योंकि यह स्पष्ट संकेत देती हैं कि पाकिस्तान सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से नापाक गतिविधियाँ जारी रखे हुए है।


ड्रोन के संभावित खतरे

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे ड्रोन अक्सर हथियार, नशीले पदार्थ, विस्फोटक या जासूसी उपकरण ले जाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इसीलिए, घटना के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ड्रोन द्वारा कोई सामग्री जमीन पर नहीं छोड़ी गई हो।


पुंछ सेक्टर में सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद पुंछ सेक्टर में चौकसी को बढ़ा दिया गया है। सीमा पर निगरानी और पेट्रोलिंग को और सख्त किया गया है। भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।