पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नए खुलासे: आरोपी ने की थी हत्या की रिहर्सल
नई दिल्ली: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले तथ्य
नई दिल्ली: पुणे में हुए केतन अग्रवाल के हत्याकांड की जांच में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य संदिग्ध सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने हत्या को अंजाम देने से पहले इंटरनेट पर मंगेतर की हत्या के तरीके खोजे थे। इसके अलावा, उन्होंने पहले से तय कर लिया था कि पुलिस पूछताछ के दौरान क्या जवाब देंगे।
हत्या की योजना में रिहर्सल
हत्या से पहले की थी पूरी रिहर्सल
जांचकर्ताओं के अनुसार, वारदात से पहले दोनों आरोपी लोहगढ़ किले पहुंचे थे, जहां उन्होंने पूरी घटना की रिहर्सल की। यह सुनिश्चित करने के लिए कि योजना में कोई कमी न रह जाए, उन्होंने सभी पहलुओं पर विचार किया। पुलिस का कहना है कि पहचान छिपाने के लिए उन्होंने भेष बदलने की योजना भी बनाई थी।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
मोबाइल से मिटाए सबूत
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले और बाद में दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से चैट हिस्ट्री और रीसायकल बिन को साफ कर दिया था। अब उनके मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि डिलीट किए गए संदेश और अन्य डिजिटल सबूत पुनः प्राप्त किए जा सकें।
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश
पुलिस के अनुसार, सिया और केतन की सगाई फरवरी में हुई थी और उनकी शादी नवंबर में तय थी। जांच में यह भी पता चला है कि 14 जून को सिया ने केतन को लोहगढ़ किले पर ले जाकर धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ियों का सहारा लेकर बच गया। इसके बाद सिया ने माहौल सामान्य दिखाने के लिए सांप दिखने का बहाना बनाया।
कुछ दिन बाद, उसने फिर से केतन को किले पर बुलाया, जहां चेतन चौधरी भी मौजूद था। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पीछे से धक्का देकर केतन को गहरी खाई में गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस द्वारा क्राइम सीन का पुनर्निर्माण
अब क्राइम सीन दोबारा तैयार करेगी पुलिस
पूरे मामले की सच्चाई को उजागर करने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस दोनों आरोपियों को लोहगढ़ किले ले गई है। यहां घटनास्थल पर पूरे घटनाक्रम को फिर से दोहराया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वारदात किस प्रकार अंजाम दी गई।
परिवार की अपील
पिता ने लोगों से मांगी मदद
इस बीच, केतन अग्रवाल के पिता ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने घटना के दिन किले पर कुछ संदिग्ध देखा हो, तो वह पुलिस से संपर्क करें। उनका कहना है कि परिवार अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए अंतिम दम तक कानूनी लड़ाई लड़ेगा।