पुणे में केतन अग्रवाल हत्या मामले की जांच में नया मोड़
मुख्य आरोपी का पॉलीग्राफ टेस्ट
पुणे के प्रसिद्ध रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की जांच अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है, और मुख्य आरोपी सिया गोयल ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की सहमति दे दी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस परीक्षण से आरोपियों के बयानों का मिलान पहले से एकत्रित साक्ष्यों से किया जा सकेगा, जिससे कई अनसुलझे सवालों के उत्तर मिल सकते हैं।
पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए अदालत से अनुमति
जांच अधिकारियों के अनुसार, पॉलीग्राफ परीक्षण के लिए आरोपी की सहमति आवश्यक होती है, और सिया गोयल ने इसके लिए लिखित सहमति प्रदान की है। उसके वकील विपुल डुसिंग ने भी इसकी पुष्टि की है। पुलिस ने सिया गोयल के सह-आरोपी चेतन चौधरी का भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए अदालत में आवेदन दिया है। जांच टीम का मानना है कि इस प्रक्रिया से दोनों आरोपियों के बयानों की सत्यता की जांच करने और घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
हत्या से पहले की गई थी रिहर्सल
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपियों ने लोहागढ़ किले में घटना को अंजाम देने से पहले पुणे के लुल्लानगर क्षेत्र की एक पहाड़ी पर इसका पूर्वाभ्यास किया था। इसी आधार पर पुलिस ने संबंधित स्थान का निरीक्षण कर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया। इसके अलावा, सिया गोयल के घर से घटना के दिन पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों पर ध्यान
पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले हत्या के तरीकों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन खोजी गई थी। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद कपड़ों, घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों और संभावित पॉलीग्राफ परीक्षण के निष्कर्षों का आपस में मिलान किया जाएगा, जिससे पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने लाने में मदद मिलेगी।
स्कूटर, हुडी और योजना के पहलुओं की जांच
पुलिस का दावा है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने कथित तौर पर टोल प्लाजा और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए कार के बजाय स्कूटर का उपयोग किया था। जांच में इस्तेमाल किया गया स्कूटर भी जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा, ट्रेकिंग के दौरान पहनी गई हुडी और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में जुटाए जा रहे सभी भौतिक, डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां सभी तथ्यों को अदालत के समक्ष साक्ष्यों के आधार पर प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही हैं.