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पुणे में केतन अग्रवाल हत्या मामले में एक और गिरफ्तारी: क्या है साजिश का सच?

पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। रितेश हांगे, जो मुख्य आरोपी का दोस्त है, पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। प्रारंभ में इसे एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन परिवार ने इस पर सवाल उठाए। जांच में मोबाइल चैट से नई जानकारी मिली है, जिससे हत्या की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जानें इस मामले में और क्या खुलासे हुए हैं।
 

पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी की हत्या की गुत्थी


पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। शुक्रवार को रितेश हांगे नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जो मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का करीबी दोस्त है। पुलिस का कहना है कि रितेश को हत्या की योजना के बारे में पहले से जानकारी थी।


हत्या की योजना का खुलासा

पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मृत्यु हुई थी, जब वह अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ ट्रैकिंग पर गए थे। प्रारंभिक जांच में इसे एक दुर्घटना माना गया था, और आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया था। लेकिन बाद में जांच की दिशा बदल गई।


साजिश में शामिल होने का आरोप


पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार, जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि रितेश हांगे को सिया गोयल और चेतन चौधरी की योजना के बारे में जानकारी थी। पुलिस का दावा है कि दोनों ने पहले केतन को घायल करने और फिर उसकी हत्या करने की योजना बनाई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, 18 जून को वारदात के बाद चेतन ने रितेश से संपर्क किया, जिससे उसकी भूमिका का पता चला।


मोबाइल चैट से मिली जानकारी

मोबाइल चैट से खुला राज


पुलिस ने बताया कि एक मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में कुछ चैट सामने आईं, जिनमें कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले से नीचे धकेलने और सबूत मिटाने की चर्चा की गई थी। इसी आधार पर रितेश को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे वडगांव मावल सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उसकी पूछताछ कर रही है।


परिवार की शंकाएं

परिवार को हादसे की कहानी पर था शक


पुलिस के अनुसार, शुरुआत में केतन की मौत को एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन उनके परिवार ने इस पर सवाल उठाए। केतन की बहन ने अंतिम संस्कार के बाद भी मामले की परिस्थितियों पर संदेह जताया और जानकारी जुटाने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार, घटना के चार दिन बाद सिया गोयल केतन के परिवार से मिलने उनके घर पहुंची थीं, जहां केतन की बहन ने उनसे लोहागढ़ की घटना के बारे में विस्तार से सवाल किए। पुलिस अब आरोपियों के बीच संबंध और हत्या की साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।