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पुणे में केतन अग्रवाल हत्या मामले में नए खुलासे: प्रेमी जोड़े की खौफनाक साजिश

पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने सुपारी किलर की मदद से हत्या की योजना बनाई थी। जब सुपारी किलर ने मना किया, तो उन्होंने खुद ही हत्या की। इस मामले में पीड़ित पिता ने न्याय की मांग की है और पुलिस सबूत जुटाने में जुटी है। जानें इस खौफनाक वारदात के बारे में और क्या खुलासे हुए हैं।
 

पुणे में हत्या की चौंकाने वाली कहानी


पुणे: पुणे के एक युवा रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों को मिले नए सबूतों से पता चला है कि सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए एक सुनियोजित योजना बनाई थी। हालिया घटनाक्रम में अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों की पुलिस हिरासत को 29 जुलाई तक बढ़ा दिया है।


सुपारी किलर से संपर्क

पुलिस सूत्रों के अनुसार, केतन को खत्म करने के लिए सिया और चेतन ने पहले एक कांट्रैक्ट किलर की मदद लेने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने उसे पुणे के एक होटल में बुलाया था। पुलिस को इस संदिग्ध बैठक के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। जब सुपारी किलर को पता चला कि उसका निशाना केतन है, तो उसने इस काम को करने से मना कर दिया।


लोहागढ़ किले पर हत्या

सुपारी किलर के मना करने के बाद, सिया और चेतन ने खुद ही हत्या की योजना बनाई। 18 जून को, उन्होंने 26 वर्षीय केतन को पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर ले जाकर उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


जापानी वीडियो से बचने की कोशिश

गिरफ्तारी से पहले, आरोपियों का व्यवहार जांच अधिकारियों को चौंका गया। पुलिस की इंटरनेट हिस्ट्री से पता चला कि गिरफ्तारी के कुछ घंटे पहले तक, दोनों आरोपी जापानी वीडियो देख रहे थे, जिनमें पुलिस पूछताछ के दौरान मन को शांत रखने और सवालों के जवाब देने के तरीके सिखाए जा रहे थे।


पीड़ित पिता की न्याय की मांग

मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने न्याय की गुहार लगाते हुए मामले की सुनवाई को 'फास्ट ट्रैक कोर्ट' में चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। विशाल ने आरोपियों के शादीशुदा होने के दावों पर कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी और यह सब उन्होंने मीडिया से ही जाना। पुलिस इस मामले को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूतों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स पर काम कर रही है।