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पुणे में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या, लोगों का प्रदर्शन

पुणे में एक चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय का आश्वासन दिया है। यह घटना समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
 

पुणे में दिल दहला देने वाली घटना

पुणे, महाराष्ट्र से एक बेहद च shocking घटना सामने आई है, जिसमें एक चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। इसके विरोध में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और मुंबई-बेंगलुरु हाईवे को जाम कर दिया, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।


प्रदर्शन और मांगें

सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के परिवार और स्थानीय निवासियों ने ‘नवाले ब्रिज’ क्षेत्र में बच्ची के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 65 वर्षीय आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा। बच्ची का अंतिम संस्कार देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच वैकुंठ श्मशान घाट में किया गया।


आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक मजदूर है और उसका आपराधिक इतिहास भी है। उसने बच्ची को खाने का लालच देकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है और मवेशियों के बाड़े में जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने बच्ची की हत्या कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।


सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी

बच्ची के लापता होने के बाद उसके परिवार ने उसकी खोज शुरू की। इसी दौरान एक घर के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बच्ची के साथ दिखाई दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने उसे 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।


नेताओं की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया। उन्होंने इस घटना को “मानवता पर कलंक” बताते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी इस मामले पर चर्चा की गई है और त्वरित सुनवाई की मांग उठाई गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुलिस को ठोस सबूत जुटाने और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आरोपी को अधिकतम सजा मिल सके। यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।