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पुणे में पिता ने 9 साल की बेटी की हत्या कर शव को जलाया

पुणे के दौंड तालुका में एक पिता ने अपनी 9 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी और शव को जलाने का प्रयास किया। यह घटना उस समय हुई जब आरोपी ने अपनी बेटी पर स्कूल मार्कशीट में बदलाव का संदेह किया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
 

दौंड तालुका में दिल दहला देने वाली घटना

पुणे के नसरापुर में एक बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले के बाद, अब दौंड तालुका के देउलगांव राजे गांव में एक और दुखद घटना सामने आई है। यहां एक पिता ने अपनी 9 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी। आरोपी ने बच्ची पर लकड़ी काटने वाली मशीन से हमला किया। हत्या के बाद, सबूत मिटाने के लिए उसने शव को कपड़ों में लपेटकर अपने घर में आग लगा दी। यह घटना हनुमान बस्ती और काले वस्ती इलाके में हुई।


आरोपी, शांताराम दुर्योधन चव्हाण (33), ने अपनी बेटी पर शक किया कि उसने अपने भाई की स्कूल मार्कशीट में कुछ बदलाव किए हैं। इसी संदेह के चलते उसने बच्ची की जान ले ली। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने हत्या के बाद शव को छिपाने और नष्ट करने के इरादे से घर में आग लगाई।


इस मामले में एक महिला, चिंगू शिंदबाद भोसले, पर घटना को छुपाने और मदद करने का आरोप लगाया गया है। दौंड पुलिस स्टेशन में इस मामले की एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी शांताराम चव्हाण को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक सुनील उगले कर रहे हैं।


इस घटना की जानकारी फैलते ही पूरे इलाके में आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। एक छोटी बच्ची को अपने ही पिता के हाथों इस तरह की मौत का शिकार होना बेहद दुखद है। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और सख्त कार्रवाई की अपील कर रहे हैं।


पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस 2023) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में हत्या, सबूत नष्ट करना और अन्य अपराध शामिल हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा कर रही है। आग लगने के कारण घर को काफी नुकसान पहुंचा है। आसपास के लोगों ने बताया कि उन्होंने धुएं और आग की लपटें देखीं तो तुरंत मदद के लिए पहुंचे, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।