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पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी की हत्या की साजिश का खुलासा

पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने हत्या को एक दुर्घटना के रूप में पेश करने के लिए कई दिनों तक योजना बनाई। दोनों ने लोहागढ़ किले में घटना को अंजाम दिया, जहां केतन को धक्का देकर गिराया गया। सिया ने इसे हादसा साबित करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की जांच में उनकी कहानी कमजोर साबित हुई। जानें इस मामले की पूरी कहानी और साजिश के पीछे के कारण।
 

पुणे में हत्या की साजिश का खुलासा


पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में एक प्रमुख रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने एक नई साजिश का पर्दाफाश किया है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने हत्या की योजना बनाने में कई दिन बिताए और इसे एक दुर्घटना के रूप में प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न तरीकों की खोज की।


पुलिस के अनुसार, दोनों ने इंटरनेट पर ऐसे तरीके खोजे थे, जिनसे हत्या को एक हादसे की तरह दिखाया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने अपनी योजना को सफल बनाने के लिए कई बार रिहर्सल भी किया। जांच में यह भी पता चला है कि उन्होंने लोहागढ़ किले की एक ऐसी जगह का चयन किया था, जहां से किसी को धक्का देने पर यह घटना एक दुर्घटना के रूप में नजर आ सकती थी।


पुलिस के मुताबिक, 18 जून की सुबह लगभग 10:30 बजे सिया गोयल अपने होने वाले पति केतन अग्रवाल के साथ लोहागढ़ किले पहुंची। थोड़ी देर बाद चेतन चौधरी भी वहां पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।


घटना के बाद, सिया ने इसे एक हादसा साबित करने की कोशिश की। उसने कहा कि फोटो खिंचवाते समय केतन का संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में गिर गया। संदेह से बचने के लिए उसने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट भी साझा की, लेकिन पुलिस की जांच में उसकी कहानी कमजोर साबित हुई।


परिवार के दबाव में थे दोनों


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिया और चेतन का रिश्ता काफी समय से था, लेकिन पारिवारिक और सामाजिक कारणों से सिया की शादी केतन अग्रवाल से तय कर दी गई थी। दोनों ने इस शादी को रोकने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।


जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन की पहली मुलाकात पिछले साल अक्टूबर में एक दिवाली पार्टी में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उनका रिश्ता गहरा होता गया।


पहली कोशिश हुई थी नाकाम


पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लगातार फोन कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क में थे। उन्होंने मई के अंत तक अपनी योजना को अंतिम रूप दे दिया था। पुलिस का दावा है कि 14 जून को भी लोहागढ़ किले पर हत्या की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई।


पहले प्रयास में असफल रहने के बाद, दोनों ने तय किया कि अगली बार चेतन खुद मौके पर मौजूद रहेगा। फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच कर रही है, ताकि साजिश के हर पहलू का खुलासा किया जा सके।