पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी के हत्या मामले में नया मोड़
पुलिस पूछताछ में सामने आई नई जानकारी
पुणे: रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में एक नया मोड़ आया है। मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई, साहिल गोयल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि यदि सिया ने शादी को लेकर कोई असहमति जताई होती, तो परिवार बिना किसी संकोच के रिश्ता तोड़ देता। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को लगभग 10 घंटे तक चली पूछताछ में साहिल से सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के संबंधों पर कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। पूछताछ के बाद उसे घर जाने की अनुमति दे दी गई। साहिल ने कहा, “अगर सिया ने कहा होता कि उसे केतन पसंद नहीं है, तो हम शादी रोक देते।” पुलिस ने बताया कि साहिल चेतन चौधरी को जानता है और उससे कई महत्वपूर्ण जानकारियों की पुष्टि की गई है।
हत्या की साजिश का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पहाड़ी से धक्का देकर हत्या कर दी। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों ने मिलकर इस वारदात की योजना बनाई, क्योंकि सिया नवंबर में होने वाली शादी नहीं करना चाहती थी। लोनावला डिवीजन के डीएसपी गजानन टोनपे ने कहा कि अब तक की जांच में दोनों आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मामले में अन्य रिश्तेदारों और दोस्तों से भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अब तक सात लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिसमें एक कर्मचारी भी शामिल है, जिसके मोबाइल फोन का इस्तेमाल कथित तौर पर घटना के दिन चेतन ने सिया से संपर्क करने के लिए किया था। जांचकर्ता जल्द ही डमी बॉडी के जरिए घटनास्थल का रीक्रिएशन करने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, साहिल के बयान से यह संकेत मिलता है कि सिया ने शादी को लेकर अपनी आपत्तियां परिवार के साथ कभी साझा नहीं की थीं।
परिवार ने हेयर विग के दावों का खंडन किया
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने उन दावों को खारिज कर दिया कि उनके बेटे की हेयर विग हत्या का कारण बनी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कारणों से केतन के सिर के एक हिस्से के बाल झड़ गए थे और यह जानकारी शादी तय होने से पहले ही सिया के परिवार को दे दी गई थी। उन्होंने कहा, “अगर सिया को कोई आपत्ति थी, तो वह शादी से इनकार कर सकती थी। रिश्ता खत्म करना उसके लिए आसान था।”
सरकार ने फास्ट-ट्रैक सुनवाई का निर्णय लिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इसकी सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री का बयान
फडणवीस ने कहा, “यह बेहद चौंकाने वाली घटना है। हमें यह सोचने की जरूरत है कि पढ़े-लिखे युवाओं में ऐसी आपराधिक मानसिकता और बदले की भावना क्यों जन्म ले रही है। यह केवल आपराधिक नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है।”