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पुतिन का BRICS सम्मेलन में यूरोप के साथ संबंधों पर बयान

नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 के पहले दिन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों के साथ संबंधों पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस का यूरोप के साथ किसी प्रकार का संघर्ष करने का कोई इरादा नहीं है। पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के समझौतों का भी उल्लेख किया और अंतरराष्ट्रीय कानून के महत्व पर जोर दिया। इस बयान ने सम्मेलन में भू-राजनीतिक तनाव के बीच चर्चा को और बढ़ा दिया है।
 

BRICS Summit 2026 का उद्घाटन


पुतिन का बयान: नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 का आज पहला दिन है। इस सम्मेलन में विश्व के कई प्रमुख नेता शामिल हुए हैं। इस अवसर पर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों के साथ रूस के संबंधों और संभावित खतरों पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस की ओर से यूरोपीय देशों के लिए कोई खतरा नहीं है और न ही रूस उन्हें धमकी देने की योजना बना रहा है।


पुतिन का यूरोप के साथ संघर्ष का खंडन

‘यूरोप से संघर्ष का कोई आधार नहीं’- पुतिन


पुतिन ने कहा कि रूस के पास यूरोप के साथ किसी प्रकार के संघर्ष का कोई आधार नहीं है। उनके अनुसार, रूस यूरोपीय देशों को धमकी नहीं दे रहा है और न ही ऐसा करने का कोई इरादा है। उन्होंने सवाल उठाया कि रूस यूरोप को धमकी क्यों देगा? उन्होंने यह भी कहा कि रूस और यूरोप के बीच किसी नए संघर्ष की आवश्यकता नहीं है।


द्वितीय विश्व युद्ध के समझौतों का संदर्भ

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के समझौतों का जिक्र:


पुतिन ने अपने बयान में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने समझौतों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दे समझौतों के माध्यम से हल किए गए थे। सोवियत संघ के टूटने के बाद हुए घटनाक्रम का भी उन्होंने जिक्र किया, यह बताते हुए कि रूस ने कई व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने में सहमति दी थी।


अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का महत्व

अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर की बात:


रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि जो भी कदम इन व्यवस्थाओं के खिलाफ उठाए जाते हैं, वे रूस के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने ऐसे कदमों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया।


BRICS सम्मेलन में पुतिन का संदेश

BRICS के मंच से अहम संदेश:


पुतिन का यह बयान उस समय आया है जब विश्व में कई स्थानों पर भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। BRICS Summit 2026 में रूस, चीन, भारत, ईरान सहित कई देशों के नेता उपस्थित हैं। इस प्रकार, पुतिन का यूरोप के साथ संभावित संघर्ष पर यह बयान सम्मेलन के दौरान चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।