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पुतिन ने भारत के आईटी क्षेत्र की सराहना की, ब्रिक्स की आर्थिक ताकत पर चर्चा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में भारत के तकनीकी क्षेत्र की सराहना की, इसे वैश्विक आईटी उद्योग में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बताया। उन्होंने ब्रिक्स देशों की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की, यह बताते हुए कि इन देशों का वैश्विक आर्थिक वृद्धि में योगदान बढ़ रहा है। पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स की आर्थिक हिस्सेदारी अब जी7 से अधिक हो चुकी है, और आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ेगा। उनके विचार में, वैश्विक आर्थिक संतुलन में बदलाव आ रहा है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो रही है।
 

पुतिन की महत्वपूर्ण टिप्पणी

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के तकनीकी क्षेत्र की उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक आईटी उद्योग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यह रूस का एक प्रमुख साझेदार है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत और वैश्विक प्रभाव पर चर्चा हो रही है।


भारत के आईटी क्षेत्र की सराहना

भारत की तकनीकी क्षमता

पुतिन ने अपने भाषण में भारत की तकनीकी क्षमताओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण आईटी केंद्रों में से एक है और वैश्विक सॉफ्टवेयर बाजार में इसकी मजबूत हिस्सेदारी है। भारतीय कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी नवाचार में भारत की बढ़ती उपस्थिति को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। पुतिन का यह बयान भारत की तकनीकी प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा मानी जा रही है.


ब्रिक्स की आर्थिक स्थिति

ब्रिक्स की बढ़ती ताकत

रूसी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स समूह की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स देशों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में जो नई वृद्धि देखी गई है, उसमें लगभग आधा हिस्सा ब्रिक्स देशों से आया है, जबकि विकसित देशों के समूह जी7 का योगदान कम रहा है। पुतिन का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संतुलन धीरे-धीरे बदल रहा है और उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रही हैं.


जी7 से आगे निकलता ब्रिक्स

ब्रिक्स की आर्थिक हिस्सेदारी

पुतिन ने कहा कि क्रय शक्ति समानता के आधार पर ब्रिक्स देशों की संयुक्त आर्थिक हिस्सेदारी अब जी7 से अधिक हो चुकी है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार विकसित हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में ही ब्रिक्स ने जी7 को पीछे छोड़ दिया था और अब दोनों के बीच का अंतर और बढ़ रहा है। रूस का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह अंतर और स्पष्ट होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया में नए आर्थिक गठबंधनों और व्यापारिक सहयोगों पर ध्यान दिया जा रहा है.


वैश्विक व्यवस्था पर पुतिन की टिप्पणी

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था

अपने संबोधन के अंत में पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था और प्रतिबंधों के प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों और विदेशी भंडारों को रोके जाने ने वैश्विक मुद्रा व्यवस्था पर असर डाला है। उनके अनुसार, इन कदमों से डॉलर और यूरो जैसी प्रमुख मुद्राओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में ब्रिक्स देशों की आर्थिक वृद्धि विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक तेज रहने वाली है, जिससे वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं.