पूर्व अधिकारी आशीष जोशी की गिरफ्तारी: राजनीतिक विवाद और सोशल मीडिया पर सक्रियता
आशीष जोशी की गिरफ्तारी का मामला
एक पूर्व सरकारी अधिकारी ने एक महीने की एक तारीख को सोशल मीडिया पर यह घोषणा की कि वह X प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हो गए हैं। जिस तारीख को उन्होंने अपनी वापसी की बात की, ठीक पांच महीने बाद उसी दिन उन्हें पार्क से उठाया गया। इंडियन पोस्ट एंड टेलीकम्युनिकेशन अकाउंट्स एंड फाइनेंस सर्विस (IP&TAFS) के अधिकारी आशीष जोशी को पार्क में सुबह की सैर के दौरान उठाया गया, और जब यह मामला अदालत में पहुंचा, तब जाकर FIR की कॉपी उपलब्ध कराई गई। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग के बारे में एक पोस्ट किया था। यह अधिकारी पहले भी सरकार के मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के साथ विवादों में रह चुके हैं।
FIR का कारण
आशीष जोशी ने अपने उस विवादास्पद पोस्ट को फिर से साझा किया, जिसके कारण उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। 26 अगस्त को किए गए इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि पश्चिम बंगाल में चुनाव दोबारा होने चाहिए, अन्यथा यह लोकतंत्र के लिए अन्याय होगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए।
गिरफ्तारी के बाद की घटनाएँ
आशीष जोशी की गिरफ्तारी की जानकारी कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अपने X पोस्ट के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि उन्हें नेहरू पार्क से उठाया गया। बाद में, संदीप दीक्षित ने ट्वीट किया कि आशीष जोशी को छोड़ दिया गया है। आशीष जोशी ने अपने हैंडल से एक पोस्ट में कहा कि उन्हें दिल्ली स्पेशल सेल ने घर छोड़ दिया।
AAP नेताओं की प्रतिक्रिया
इस मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। नागेंदर शर्मा ने आशीष जोशी की गिरफ्तारी की निंदा की और कहा कि इस तरह किसी को हिरासत में लेना गलत है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि आशीष जोशी ने पहले बीजेपी के खिलाफ काम किया था।
आशीष जोशी का करियर
आशीष जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिसमें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करना शामिल है। वह 31 मार्च 2026 को अडिशनल सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए।