पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से ताल्लुक रखने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। उन्होंने 43 वर्षों तक भारतीय वायु सेना में सेवा की, जिसमें उन्होंने कारगिल युद्ध और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सैन्य सेवाओं और अनुशासन के लिए उन्हें विशेष रूप से सराहा गया है.
पीएम मोदी के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात
जितेंद्र मिश्रा का चयन अचानक नहीं हुआ। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदमपुर एयरबेस का दौरा किया था, तब उन्होंने एयर मार्शल मिश्रा के साथ लगभग 90 मिनट बिताए। इस मुलाकात में पीएम मोदी ने न केवल ऑपरेशन की जानकारी ली, बल्कि मिश्रा के जीवन, उनकी आदतों, अनुशासन और धार्मिक आस्था पर भी गहराई से चर्चा की। यह मुलाकात उनके भविष्य के चयन की नींव साबित हुई।
अंतिम चयन की प्रक्रिया
एयर मार्शल मिश्रा का नाम चयन प्रक्रिया में अंतिम समय तक बना रहा। बुधवार की सुबह, नई दिल्ली से मुख्यमंत्री कार्यालय को एक फोन आया, जिसमें राम मंदिर के नए CEO के रूप में केवल एक नाम की सिफारिश की गई - पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा। इस निर्णय ने सभी अटकलों को समाप्त कर दिया और उनकी नियुक्ति को अंतिम रूप दिया।
'ऑपरेशन सिंदूर' में साहसिकता
सैन्य सेवा के दौरान, मिश्रा अपने निडर निर्णयों के लिए जाने जाते थे। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान, जब S-400 मिसाइल सिस्टम के ऑपरेटर ने पाकिस्तान के एक जासूसी विमान (AWACS) को देखा, तो उसने कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी। एयर मार्शल मिश्रा ने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत 'शूट' का आदेश दिया। इसके परिणामस्वरूप, आदमपुर बेस से दागी गई मिसाइल ने 314 किलोमीटर की रिकॉर्ड दूरी पर दुश्मन के विमान को नष्ट कर दिया।