पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन: एक राजनीतिक यात्रा का अंत
सुरेश कलमाड़ी का निधन
राजनीति में कदम रखने से पहले एक स्क्वाड्रन लीडर के रूप में सेवा की
कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जेल गए
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार सुबह लगभग 3:30 बजे अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार रहने के कारण उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक कलमाड़ी हाउस एरंडवणे में रखा गया, और फिर वैकुंठ श्मशान में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
राजनीतिक करियर और खेल प्रशासन
1 मई 1944 को जन्मे सुरेश कलमाड़ी पुणे लोकसभा क्षेत्र से तीन बार सांसद चुने गए। वे खेल प्रशासन में भी सक्रिय रहे और भारतीय ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष रहे। 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के चेयरमैन के रूप में भी उनकी पहचान बनी। इसके अलावा, उन्होंने रेल राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
नेशनल डिफेंस एकेडमी में प्रवेश
कलमाड़ी ने 1960 में नेशनल डिफेंस एकेडमी में दाखिला लिया और बाद में भारतीय वायुसेना में पायलट बने। उन्होंने 1964 से 1972 तक वायुसेना में सेवा की और फिर 1972 से 1974 तक एनडीए में एयरफोर्स ट्रेनिंग टीम के इन्स्ट्रक्टर रहे।
भ्रष्टाचार के आरोप और जेल
कलमाड़ी को कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा। उनके खिलाफ 15 साल तक कानूनी मामले चले। अप्रैल 2025 में दिल्ली की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया, जिसमें कलमाड़ी और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज था।
कलमाड़ी को अप्रैल 2011 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया। उन्हें 10 महीने तक दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने खेलों के लिए स्विस टाइमकीपिंग को 141 करोड़ रुपये में ठेका देकर लाभ पहुंचाया।