पूर्व मंत्री नानक राम भुर्जी का लखनऊ में निधन, संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने से हुई मौत
नानक राम भुर्जी का निधन
नानक राम भुर्जी का निधन: उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नानक राम भुर्जी का मंगलवार को लखनऊ में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। वह हजरतगंज स्थित नए दारुलशफा विधायक निवास की ऊपरी मंजिल से गिर गए थे। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वह लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहे थे। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
विधायक निवास में हादसा
पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर नए दारुलशफा विधायक आवास परिसर के पीछे एक व्यक्ति के ऊपरी मंजिल से गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल नानक राम भुर्जी को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, नानक राम भुर्जी लंबे समय से डिप्रेशन से पीड़ित थे और अक्सर विधायक निवास परिसर में आते-जाते देखे जाते थे। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे भुर्जी
नानक राम भुर्जी का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव के करीबी के रूप में की थी। कहा जाता है कि मुलायम सिंह के कहने पर उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। बाद में, उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। हालांकि भाजपा में आने के बाद उनका सक्रिय राजनीतिक प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा, लेकिन वह संगठन से जुड़े रहे।
पिछड़े वर्ग की राजनीति में पहचान
नानक राम भुर्जी उत्तर प्रदेश में ओबीसी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने राज्य सरकार में राज्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। भाजपा के ओबीसी आउटरीच कार्यक्रमों में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। उनके निधन की खबर से राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।