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पूर्व रॉ प्रमुख विक्रम सूद का बयान: पाकिस्तान के साथ शांति असंभव

पूर्व रॉ प्रमुख विक्रम सूद ने मंगलुरु लिट फेस्ट में पाकिस्तान के साथ शांति की संभावना को नकारते हुए कहा कि यह एक इस्लामिक राज्य है जो जिहाद जारी रखेगा। उन्होंने भारत की राजनयिक रणनीति और अमेरिका-चीन के साथ संबंधों पर भी अपने विचार साझा किए। सूद ने प्रभावी शासन के लिए सैन्य शक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया और ट्रंप के पश्चिम पर प्रभाव को भी रेखांकित किया। जानें उनके विचारों के बारे में और अधिक जानकारी इस लेख में।
 

पाकिस्तान का असली चेहरा


पाकिस्तान इस्लामिक राज्य है, जिहाद जारी रहेगा
विक्रम सूद, जो पूर्व रॉ प्रमुख हैं, ने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक राज्य है और यह गैर-मुसलमानों के खिलाफ जिहाद जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर से निपटना भी जिहाद का हिस्सा है। सूद ने यह बात मंगलुरु लिट फेस्ट में एक सत्र के दौरान कही।


उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस्लामाबाद का दृष्टिकोण नहीं बदलता, तब तक पाकिस्तान के साथ शांति की कोई संभावना नहीं है। बार-बार की दुश्मनी को देखते हुए, उनके साथ बातचीत का कोई लाभ नहीं है।


भारत की रणनीति पर विचार

सूद ने कहा कि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच समस्याओं का कोई समाधान नजर नहीं आता। इसके अलावा, उन्होंने भारत की राजनयिक रणनीति, अमेरिका के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और श्रीलंका-बांग्लादेश के क्षेत्रीय संकट पर भी अपने विचार साझा किए।


अमेरिका और चीन के साथ संबंध

प्रमुख शक्तियों के साथ तार्किक संबंध बनाना आवश्यक
उन्होंने कहा कि यदि भारत अभी आगे नहीं बढ़ता है, तो यह सुनहरा अवसर फिर कभी नहीं मिलेगा। भारत की जनसंख्या, मजबूत लोकतंत्र और नीतियां हमारे पक्ष में हैं। देश को बाहरी समर्थन पर निर्भर रहने के बजाय अमेरिका और चीन जैसी प्रमुख शक्तियों के साथ तार्किक रूप से जुड़ना चाहिए।


सैन्य शक्ति और प्रभावी शासन

प्रभावी शासन के लिए सैन्य शक्ति जरूरी
सूद ने कहा कि प्रभावी शासन के लिए ताकत, सैन्य क्षमता और शक्ति आवश्यक हैं। बालाकोट और उरी स्ट्राइक जैसे भारतीय सैन्य अभियानों ने भारत की बढ़ती रणनीतिक मुखरता को दर्शाया है।


ट्रंप का प्रभाव

ट्रंप पश्चिम को नया आकार दे रहे हैं
अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति के बावजूद, 1940 के दशक के बाद से पारंपरिक युद्ध सीधे तौर पर नहीं जीत सका है। ट्रंप पश्चिम को नया आकार दे रहे हैं, जबकि पूरब तेजी से मजबूत हो रहा है।


विक्रम सूद का परिचय

कौन हैं विक्रम सूद?
विक्रम सूद ने 2000 से 2003 तक रॉ के प्रमुख के रूप में कार्य किया। वह उन कुछ अधिकारियों में से हैं जो पुलिस सेवा (आईपीएस) से नहीं, बल्कि सिविल सेवा से इस शीर्ष खुफिया पद तक पहुंचे। रिटायरमेंट के बाद, सूद ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन जैसे थिंक टैंक्स के साथ जुड़े हैं, जहां वे सलाहकार और विचारक के रूप में कार्य कर रहे हैं।