पूर्व सैनिकों के लिए आर्थिक सहायता में 100% वृद्धि की घोषणा
नई दिल्ली में राहत की खबर
नई दिल्ली: पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की गई है। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है कि पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह निर्णय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की स्वीकृति के बाद लागू किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि यह कदम उन जवानों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिन्होंने देश की सेवा की है।
वित्तीय सहायता का विस्तार
रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत चलने वाली योजनाओं में यह बढ़ी हुई वित्तीय सहायता अब लागू हो चुकी है। ये योजनाएं केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से संचालित होती हैं। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह निर्णय पूर्व सैनिकों के बलिदान और योगदान को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पेन्यूरी ग्रांट में वृद्धि
पेन्यूरी ग्रांट में बड़ी बढ़ोतरी
सरकार ने पेन्यूरी ग्रांट को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। यह सहायता 65 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को दी जाती है, जिन्हें पेंशन नहीं मिलती और जिनके पास कोई नियमित आय का स्रोत नहीं है। यह सहायता जीवनभर के लिए प्रदान की जाती है, जिससे बुजुर्गों को स्थायी सहारा मिलेगा।
शिक्षा अनुदान में वृद्धि
शिक्षा अनुदान से बच्चों को राहत
पूर्व सैनिकों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा अनुदान को भी दोगुना किया गया है। अब कक्षा एक से स्नातक तक पढ़ने वाले अधिकतम दो आश्रित बच्चों को 2,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। इसके अलावा, दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रही विधवाओं को भी इस बढ़ी हुई राशि का लाभ मिलेगा।
विवाह अनुदान में वृद्धि
विवाह अनुदान में भी दोगुनी मदद
विवाह अनुदान को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया है। यह अनुदान पूर्व सैनिकों की अधिकतम दो बेटियों के विवाह और विधवाओं के पुनर्विवाह पर लागू होगा। यह बढ़ोतरी आदेश जारी होने के बाद संपन्न हुए विवाहों पर प्रभावी होगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार की प्रतिबद्धता
फंड और सरकार की मंशा
ये सभी योजनाएं रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष से संचालित होती हैं, जो सशस्त्र बल ध्वज दिवस कोष का हिस्सा है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस फैसले से गैर पेंशनधारी पूर्व सैनिकों, विधवाओं और कम आय वाले आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी। सरकार ने दोहराया है कि वह देश की सेवा करने वाले जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।