पूर्व सैनिकों के लिए वित्तीय सहायता में ऐतिहासिक वृद्धि
सरकार ने पूर्व सैनिकों की सहायता राशि को दोगुना किया
केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए वित्तीय सहायता को दोगुना कर दिया है। अब विवाह अनुदान 1 लाख रुपये और शिक्षा अनुदान 2000 रुपये मिलेगा। पेन्यूरी ग्रांट भी बढ़ाकर 8000 रुपये कर दी गई है।
नई दिल्ली. देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की जानकारी दी है। सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि को 100 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। यह निर्णय बढ़ती महंगाई के समय में पूर्व सैनिकों के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
बेटियों की शादी के लिए अब मिलेंगे 1 लाख रुपये
बेटियों की शादी के लिए अब मिलेंगे 1 लाख रुपये
अक्सर देखा जाता है कि रिटायरमेंट के बाद सैनिकों को बच्चों की शादी और पढ़ाई के खर्चों को लेकर चिंता रहती है। इसी बोझ को कम करने के लिए सरकार ने विवाह अनुदान राशि को दोगुना कर दिया है।
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पहले पूर्व सैनिकों को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये की सहायता मिलती थी।
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अब इस राशि को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
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नियमों के मुताबिक यह लाभ पूर्व सैनिक अपनी अधिकतम दो बेटियों के विवाह के लिए ले सकते हैं।
पढ़ाई के खर्च में भी बड़ी राहत
पढ़ाई के खर्च में भी बड़ी राहत
बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शिक्षा अनुदान में भी भारी इजाफा किया गया है। पूर्व सैनिकों के आश्रित बच्चों या उनकी विधवाओं के लिए जो शिक्षा मदद दी जाती थी उसमें भी 100 फीसदी की वृद्धि की गई है।
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पहले शिक्षा अनुदान के रूप में 1000 रुपये प्रति माह मिलते थे।
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अब इसे बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
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यह सहायता पूर्व सैनिकों के दो बच्चों या स्नातकोत्तर (मास्टर डिग्री) की पढ़ाई कर रही विधवाओं को मिलेगी।
बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को पेन्यूरी ग्रांट का सहारा
बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को पेन्यूरी ग्रांट का सहारा
जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे वयोवृद्ध सैनिकों का भी सरकार ने पूरा ख्याल रखा है। रक्षा मंत्रालय ने 'पेन्यूरी ग्रांट' यानी निर्धनता सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की है। 65 वर्ष से अधिक आयु के गैर पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों और विधवाओं को अब 4000 रुपये की जगह 8000 रुपये की मासिक सहायता मिलेगी। यह राशि उन्हें जीवन भर सम्मान के साथ जीने में मदद करेगी।
केंद्रीय सैनिक बोर्ड के जरिए मिलेगी मदद
केंद्रीय सैनिक बोर्ड के जरिए मिलेगी मदद
यह सारी बढ़ी हुई सहायता राशि केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) के माध्यम से वितरित की जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय पूर्व सैनिकों के त्याग और बलिदान को सम्मान देने की दिशा में उठाया गया एक और कदम है। सरकार का मानना है कि जिन्होंने देश के लिए अपनी जवानी खपा दी उनके बुढ़ापे और परिवार की जिम्मेदारी उठाना देश का कर्तव्य है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों की राय
रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि सरकार के इस फैसले का असर न केवल पूर्व सैनिकों पर बल्कि सेवारत सैनिकों पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा। जब सीमा पर तैनात जवान यह देखता है कि सरकार उसके रिटायरमेंट के बाद भी उसके परिवार की चिंता कर रही है तो उसका मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। यह फैसला सशस्त्र बलों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
FAQ's
FAQ’s
प्रश्न: पूर्व सैनिकों की बेटी की शादी के लिए अब कितनी राशि मिलेगी?
उत्तर: सरकार ने विवाह अनुदान को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है। यह लाभ दो बेटियों की शादी तक मिलेगा।
प्रश्न: पेन्यूरी ग्रांट (Penury Grant) में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
उत्तर: 65 वर्ष से अधिक आयु के पात्र पूर्व सैनिकों के लिए पेन्यूरी ग्रांट 4000 रुपये से बढ़ाकर 8000 रुपये कर दी गई है।
प्रश्न: बच्चों की शिक्षा के लिए अब कितनी सहायता मिलेगी?
उत्तर: शिक्षा अनुदान को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
प्रश्न: यह बढ़ी हुई राशि किसके माध्यम से मिलेगी?
उत्तर: यह सभी वित्तीय सहायता केंद्रीय सैनिक बोर्ड (Kendriya Sainik Board) के माध्यम से वितरित की जाएगी।