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पूर्वोत्तर में 1,800 किमी रेल परियोजनाओं का निर्माण जारी: आशीष बंसल

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने 'इन्फ्राबिल्ड नॉर्थ ईस्ट 2026' सम्मेलन में क्षेत्र में चल रही प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1,800 किमी से अधिक नई रेल लाइनों और दोहरीकरण परियोजनाओं पर 96,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से कई परियोजनाएं, जैसे बैराबी-सायरंग और अररिया-गलगलिया, जल्द ही चालू होंगी। बंसल ने क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
 

पूर्वोत्तर रेलवे की प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी

गुवाहाटी- पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने बुधवार को ‘इन्फ्राबिल्ड नॉर्थ ईस्ट 2026’ सम्मेलन में क्षेत्र में चल रही महत्वपूर्ण रेल अवसंरचना परियोजनाओं का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 1,800 किमी से अधिक नई रेल लाइनों और दोहरीकरण परियोजनाओं पर लगभग 96,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसमें से लगभग 596 किमी का कार्य पूरा हो चुका है।


बंसल ने कहा कि 51 किमी लंबी बैराबी-सायरंग नई रेल लाइन पूरी हो चुकी है, जबकि 111 किमी लंबी अररिया-गलगलिया लाइन जुलाई 2025 में पूरी तरह से चालू हो जाएगी। इसके अलावा, डिमापुर-कोहिमा और जिरिबाम-इंफाल नई रेल लाइनों के विभिन्न खंडों पर भी परिचालन शुरू हो चुका है। जिरिबाम-इंफाल परियोजना के 9.10 किमी लंबे खोंगसांग-अवांगखुल खंड को अक्टूबर 2026 में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।


उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर के कठिन पहाड़ी इलाके, भारी वर्षा, भूस्खलन और भूगर्भीय चुनौतियों के कारण रेलवे निर्माण के लिए आधुनिक तकनीकों और विशेष इंजीनियरिंग समाधानों की आवश्यकता है। इसके लिए ड्रोन, जीआईएस, जीएनएसएस, बीआईएम, डिजिटल परियोजना निगरानी और आधुनिक सुरंग निर्माण तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। रेलवे के अधीन 69 नए सर्वेक्षण भी विभिन्न चरणों में चल रहे हैं।