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पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने पांच ट्रेनों में नई ऑन-बोर्ड सेवाओं की शुरुआत की

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अपनी पांच ट्रेनों में नई ऑन-बोर्ड सेवाओं की शुरुआत की है, जिससे यात्रियों के सफर का अनुभव और भी बेहतर होगा। इस पहल के तहत तकनीक-आधारित हाउसकीपिंग सेवाएं लागू की गई हैं, जो सफाई, स्वच्छता और शिकायतों के त्वरित समाधान पर ध्यान केंद्रित करती हैं। यात्रियों की संतुष्टि को बढ़ाने के लिए स्थानीय कारीगरी को भी बढ़ावा दिया गया है। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह रेल यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाएगी।
 

नई ऑन-बोर्ड सेवाओं का शुभारंभ

मालीगांव- पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने अपनी पांच चयनित ट्रेनों में उन्नत ऑन-बोर्ड सेवाओं की शुरुआत की है। यह भारतीय रेलवे का दूसरा ज़ोनल रेलवे है जिसने इस प्रकार की सेवाएं शुरू की हैं। इन सेवाओं का औपचारिक उद्घाटन 10 अक्टूबर, 2026 को गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर एन. एफ. रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। तकनीक पर आधारित हाउसकीपिंग सेवाएं एसएमसी इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा लागू की जा रही हैं। इसके लिए चयनित ट्रेनों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो यात्रा के दौरान निरंतर सफाई, बेहतर स्वच्छता और यात्रियों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगी।


चयनित ट्रेनों की सूची

इन सेवाओं में शामिल पांच ट्रेनों में 14 अक्टूबर 2026 से कामाख्या-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12552/12551), 10 अक्टूबर 2026 से गुवाहाटी-कोलकाता गरीबरथ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12518/12517), 11 अक्टूबर 2026 से डिब्रूगढ़-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15946/15945), 10 अक्टूबर 2026 से न्यू जलपाईगुड़ी-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22233/22234) और 10 अक्टूबर 2026 से न्यू जलपाईगुड़ी-गुवाहाटी वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22227/22228) शामिल हैं।


सुविधाओं में सुधार

इन उन्नत सेवाओं के तहत कोच और एसी की खिड़कियों की नियमित सफाई, वॉशरूम की बेहतर सफाई, कचरे का उचित प्रबंधन और समय पर लिनेन का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। समर्पित टीमें बुनियादी तकनीकी सहायता प्रदान करेंगी, पानी की उपलब्धता की निगरानी करेंगी और यात्रियों की शिकायतों का समाधान दो घंटे के भीतर करेंगी। यदि कोई समस्या हल नहीं होती है, तो उसे संबंधित रेल अधिकारियों को भेजा जाएगा। सेवा की गुणवत्ता और जवाबदेही को बढ़ाने के लिए, इस पहल में डिजिटल मॉनिटरिंग, जियो-टैगिंग, स्टाफ़ की ट्रैकिंग और एक केंद्रीयकृत मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल है। यात्रियों से प्राप्त रियल-टाइम फ़ीडबैक, स्टार रेटिंग और एआई-आधारित सफाई का आकलन परफॉर्मेंस को बेहतर ढंग से जांचने में मदद करेगा, जिससे सफाई, यात्रियों के आराम और यात्रा के कुल अनुभव में सुधार होगा।


स्थानीय कारीगरी को बढ़ावा

स्थानीय कारीगरी को बढ़ावा देने के लिए, पूर्वोत्तर क्षेत्रीय विकास मंत्रालय के तहत एनईडीएफआई की सहायता से ऑन-बोर्ड सर्विस स्टाफ के लिए यूनिफॉर्म स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार की गई हैं।


उद्देश्य और लाभ

इस पहल के माध्यम से, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का लक्ष्य ऑन-बोर्ड सफाई में सुधार, स्वच्छता मानकों को बढ़ाना और यात्रियों की संतुष्टि को बढ़ाना है। तकनीक-आधारित हाउसकीपिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली सेवाओं को एक साथ लाने से यात्रियों के लिए रेल यात्रा का अनुभव अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक बनेगा।