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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना, महंगाई पर पड़ेगा असर

एक नई वित्तीय रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही 10 रुपये की वृद्धि हो सकती है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ऑयल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप खुदरा महंगाई में भी इजाफा होने की आशंका है। जानें इस स्थिति का क्या असर होगा और सरकार की क्या योजनाएं हैं।
 

महंगाई की नई लहर का संकेत


हाल ही में एक वित्तीय रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही वृद्धि होने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो से तीन सप्ताह में इन ईंधनों के दाम में 10-10 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे तेल कंपनियों को नुकसान हो रहा है। यह स्थिति तब है जब भारत सरकार ने मार्च में ही पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी कम की थी। हाल ही में, तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में तीन रुपये की वृद्धि की थी, लेकिन यह वृद्धि उनके नुकसान की भरपाई के लिए अपर्याप्त मानी जा रही है.


महंगाई में वृद्धि की आशंका

पेट्रोल, डीजल, एनपीजी और दूध की कीमतों में संभावित वृद्धि से खुदरा महंगाई में इजाफा होने की आशंका बढ़ गई है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि खुदरा महंगाई में लगभग 0.42 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मितव्ययिता अपनाने की अपील की थी, जिसका महत्व अब लोगों को समझ में आने लगा है। मध्य पूर्व में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में रुकावट के कारण ऊर्जा की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ेगा, जिससे सभी वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी.


ऑयल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान

Emkay Global की रिपोर्ट के अनुसार, तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये की वृद्धि के बावजूद उनका घाटा कम नहीं हो रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनियों को प्रति लीटर लगभग 18 रुपये का नुकसान हो रहा है। इस तिमाही में ऑयल कंपनियों के 58,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। इस नुकसान को कम करने के लिए कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10-10 रुपये की और वृद्धि करने की योजना बना रही हैं। माना जा रहा है कि अगले दो से तीन सप्ताह में नए दामों की घोषणा की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि मध्य पूर्व में तनाव से पहले कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब 100 डॉलर के पार जा चुकी हैं.