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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि: विपक्ष ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि जब कच्चा तेल सस्ता था, तब भी सरकार ने निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ेगी। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

महंगाई का नया दौर


पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय नागरिक महंगाई की समस्या का सामना कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। इसके साथ ही सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। इस पर विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जब कच्चा तेल सस्ता था, तब सरकार ने जनता की जेब से पैसे निकालकर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया, और अब जबकि कीमतें 2014 के स्तर से भी कम हैं, तब भी दाम दोगुने कर दिए गए हैं।


शनिवार को पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर, डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर और सीएनजी में एक रुपए प्रति किलो की वृद्धि की गई है। इस पर बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मोदी सरकार ने आज फिर सीएनजी, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए। जनविरोधी पूंजीपरस्त एनडीए सरकार ने पिछले 10 दिनों में तेल की कीमतों में लगभग 5 रुपए की वृद्धि की है, यानी 50 पैसे प्रतिदिन। अभी और बढ़ोतरी की संभावना है। जब कच्चा तेल सस्ता था, तब भी ये आपकी जेब काटकर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचा रहे थे और अब भी ऐसा ही कर रहे हैं।'


उन्होंने आगे कहा, 'आने वाले दिनों में जनता को महंगाई का सामना करना पड़ेगा, प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों में कमी आएगी, प्रवासी श्रमिक लौटेंगे, छोटे उद्योग प्रभावित होंगे, और गरीबी तथा बेरोजगारी बढ़ेगी। नफरत का कारोबार, भाषणबाजी, और मनोरंजन के लिए चुने गए लोगों को केवल फुल एंटरटेनमेंट मिलता रहेगा। नौकरी, गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, और अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय, इनका ध्यान संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग, हेडलाइन प्रबंधन, और धार्मिक मुद्दों पर रहेगा।'