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पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण पर केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण

केंद्र सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि फिलहाल 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिलाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कोई कदम उठाने से पहले सभी पक्षों की राय ली जाएगी। इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के लाभों और ई20 ईंधन के प्रभाव पर भी जानकारी दी गई है।
 

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया इथेनॉल मिश्रण का मुद्दा


देशभर में पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिलाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है।


सरकार ने बताया है कि वर्तमान में पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। भविष्य में यदि ऐसा कोई कदम उठाया जाता है, तो वह व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही होगा.


फैसला राय लेने के बाद होगा

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने अभी तक पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत से अधिक करने का कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी निर्णय से पहले अन्य पक्षों की राय ली जाएगी.


इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का उद्देश्य

सरकार के अनुसार, वर्ष 2014-15 से अब तक इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के कारण 1.97 ट्रिलियन रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इसके साथ ही, लगभग 316 लाख टन कच्चे तेल की खपत में कमी आई और 952 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में भी कमी आई है। मंत्री ने बताया कि इस अभियान से किसानों की अतिरिक्त आय में 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है.


ई20 ईंधन के प्रभाव पर जानकारी

सुरेश गोपी ने कहा कि सरकार को वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल संगठनों या उपभोक्ता समूहों से ई20 ईंधन के कारण इंजन खराब होने, फ्यूल पंप में दिक्कत, जंग लगने या पानी के प्रदूषण जैसी कोई व्यापक और प्रमाणित शिकायत नहीं मिली है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आई चिंताओं की भी वैज्ञानिक जांच की गई, लेकिन अब तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। उन्होंने बताया कि देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और तीन करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें पिछले कई वर्षों से ई15 और ई20 ईंधन का उपयोग कर रही हैं। इस दौरान इंजन फेल होने या वाहन बंद पड़ने जैसी कोई प्रमाणित घटना दर्ज नहीं हुई.