पेपर लीक पर प्रधानमंत्री मोदी का सख्त संदेश: छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उठाए जाएंगे ठोस कदम
प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों के लिए संदेश
नई दिल्ली: पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात छात्रों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसका प्रभाव लाखों छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ता है। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि इस मामले में और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने बताया कि पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इस प्रस्ताव में मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के प्रावधान शामिल हैं।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
छात्रों की समस्याओं पर ध्यान
‘पेपर लीक से लाखों छात्रों को होती है परेशानी’
छात्रों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'पेपर लीक कोई साधारण विषय नहीं है। यह लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।' उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिसमें दोषियों को पकड़कर जेल भेजना शामिल है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह थी कि पेपर लीक के कारण विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद न हो। इसलिए, सरकार ने 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं जल्द से जल्द कराने की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने के बाद 19 तारीख को परिणाम भी जारी कर दिए गए, जिससे सफल विद्यार्थियों की खुशी की खबरें आईं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश
पीएम मोदी ने कहा कि 'सरकार संतुष्ट नहीं होने वाली है। इसलिए, इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए थे।' इसके बाद विभागों ने पीएम मोदी को मसौदा सौंपा, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट के अलावा पेपर लीक से जुड़े अपराधों के लिए कठोर सजा का प्रावधान भी है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस मसौदे पर शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में चर्चा होगी। मंत्रियों के सुझावों के बाद प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद सरकार इस संबंध में आवश्यक विधेयक को संसद में जल्द से जल्द पेश करने की कोशिश करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि संसद का दूसरा सत्र सोमवार से शुरू होगा और सरकार का प्रयास है कि पेपर लीक के खिलाफ प्रस्तावित कानून को जल्दी लाया जाए।
उच्च शिक्षा विभाग में बदलाव
उच्च शिक्षा विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव
इस बीच, केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद पर भी बदलाव किया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है।