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पेरिस में चाकूबाज का खौफनाक हमला: गर्भवती समेत तीन महिलाएं घायल

पेरिस में एक सनकी चाकूबाज ने तीन महिलाओं पर चाकू से हमला कर दिया, जिसमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी। हमलावर ने 'अल्लाह का सिपाही' होने का दावा किया और इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। साहसी राहगीरों ने उसे पकड़ लिया, लेकिन अदालत में उसने कोई पछतावा नहीं दिखाया। यह घटना पश्चिमी देशों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा रही है।
 

पेरिस में चाकूबाज का आतंक

पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक सामान्य सुबह अचानक चीख-पुकार और आतंक में बदल गई, जब एक मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति ने सड़क पर चल रही तीन निर्दोष महिलाओं पर चाकू से हमला कर दिया। इस भयानक घटना में एक गर्भवती महिला भी शामिल थी, जिसके प्रति हमलावर की बर्बरता ने वहां मौजूद लोगों को दहशत में डाल दिया। हमलावर के हाथों में तेज चाकू थे और वह लगातार चिल्ला रहा था कि वह 'अल्लाह का सिपाही' है और उसे लोगों को मारने का आदेश मिला है। इस दिनदहाड़े की वारदात ने पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


साहसिक कार्रवाई से हमलावर को पकड़ा गया

सूटकेस से हमलावर को रोका गया


उत्तरी पेरिस के पोर्ते दि क्लिची क्षेत्र में हुई इस घटना के गवाह मोहम्मद अली बुहादजार ने बताया कि हमलावर एक महिला पर पीछे से हमला कर रहा था। जब उन्होंने जोर से चिल्लाना शुरू किया, तो आसपास के लोग सतर्क हो गए। हमलावर ने भागने की कोशिश की, लेकिन एक बहादुर राहगीर ने उस पर भारी सूटकेस फेंक दिया, जिससे उसका चाकू गिर गया। इसके बाद, गुस्साए लोगों ने उसे पकड़ लिया। मौके पर एक ऑफ-ड्यूटी पुलिस अधिकारी भी मौजूद था, जिसने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को हिरासत में लिया।


अदालत में हमलावर का बर्ताव

कोर्ट में कोई पछतावा नहीं


गिरफ्तारी के बाद जब हमलावर को अदालत में पेश किया गया, तो उसने अपनी बर्बरता के लिए कोई पछतावा नहीं दिखाया। उसने अदालत में कहा कि उसे ऐसा करने का आदेश मिला था। पेरिस पुलिस के अधिकारियों का मानना है कि हमलावर मानसिक रूप से अस्वस्थ हो सकता है, क्योंकि गिरफ्तारी के समय वह अजीब बातें कर रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने जानबूझकर केवल महिलाओं को ही निशाना क्यों बनाया।


पश्चिमी देशों में बढ़ते हमले

सार्वजनिक स्थानों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं


यह पहली बार नहीं है जब सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों को निशाना बनाया गया है। हाल ही में अमेरिका में भी एक व्यक्ति ने 'अल्लाह हू अकबर' के नारे लगाते हुए महिलाओं पर हमला किया था, जिसमें कई महिलाएं घायल हुई थीं। इसके अलावा, सिएटल में एक फूड फेस्टिवल में गोलीबारी की घटना में भी कई लोगों की जान गई थी। पेरिस की यह घटना एक बार फिर पश्चिमी देशों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को बढ़ा रही है।