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प्रतीक यादव की संदिग्ध मौत: परिवार में शोक की लहर

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की आज सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। 38 वर्षीय प्रतीक को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनकी पत्नी अर्पणा यादव दिल्ली से लखनऊ पहुंच गई हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके आवास पर पहुंचने वाले हैं। प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा, और उनकी मृत्यु के कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा। इस घटना ने परिवार और समर्थकों में शोक की लहर पैदा कर दी है।
 

प्रतीक यादव का निधन

प्रतीक यादव का निधन: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की आज सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। 38 वर्षीय प्रतीक को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए घर लाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारण का पता चलेगा। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल उठ रहे हैं।


अर्पणा यादव का लखनऊ आगमन

यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अर्पणा यादव दिल्ली से लखनऊ पहुंच गई हैं। वह सोमनाथ मंदिर गई थीं और रात में दिल्ली में रुकी थीं। पति के निधन की खबर सुनकर वह तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हुईं। प्रतीक यादव का शव अब विक्रमादित्य रोड स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रतीक का अंतिम संस्कार किया जाएगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा

सीएम योगी भी पहुंचे अपर्णा यादव के घर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आज दोपहर 3:00 बजे अपर्णा यादव के आवास पर पहुंचेंगे। आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अपर्णा के घर पर समर्थकों और लोगों की भीड़ जमा हो गई है। परिवार के सभी सदस्य भी मौके पर पहुंच रहे हैं।


राजनीति से दूर थे प्रतीक

प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर रियल एस्टेट का व्यवसाय करते थे। जानकारी के अनुसार, उन्हें तीन दिन पहले मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, सांस फूलने और फेफड़ों में खून जमने की समस्या थी।


परिवार और समर्थकों की उपस्थिति

शिवपाल, धर्मेंद्र और डिंपल यादव समेत अन्य लोग पहुंचे
अर्पणा यादव के घर पर शिवपाल यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और परिवार के अन्य सदस्य पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, उनके परिचित और समर्थक बड़ी संख्या में घर के बाहर मौजूद हैं।