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प्रधानमंत्री मोदी आज नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11:30 बजे नोएडा के जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और अधिकारी शामिल होंगे। यह हवाई अड्डा भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है, जो एनसीआर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा, पीएम मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक में आर्थिक स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखलाओं के संचालन पर चर्चा की। जानें इस महत्वपूर्ण उद्घाटन के बारे में और क्या-क्या है खास।
 

उद्घाटन का समय और कार्यक्रम


सुबह 11:30 बजे होगा उद्घाटन, पीएम मोदी करेंगे जनसभा को संबोधित


आज सुबह 11:30 बजे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा के जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य प्रमुख नेता तथा अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस नए हवाई अड्डे के उद्घाटन से एनसीआर क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।


भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा

इस हवाई अड्डे का पहला चरण 1,300 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसमें टर्मिनल और रनवे शामिल हैं। इसका निर्माण चार चरणों में पूरा होगा। जब सभी चरण पूरे हो जाएंगे, तो यह भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट के खुलने से उत्तर प्रदेश पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला एकमात्र राज्य बन जाएगा। यह हवाई अड्डा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 72 किमी, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद से लगभग 40 किमी, ग्रेटर नोएडा से 28 किमी, गुरुग्राम से 65 किमी और आगरा से 130 किमी की दूरी पर स्थित है।


राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक डिजिटल बैठक की। इस बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की गई। आदर्श आचार संहिता के कारण चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हो सके। प्रधानमंत्री ने 'टीम इंडिया' की भावना से मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि देश इस कठिन परिस्थिति से उबर सके।


आपूर्ति श्रृंखलाओं का संचालन

प्रधानमंत्री ने राज्यों से आपूर्ति श्रृंखलाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, विशेषकर उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी में। प्रधानमंत्री ने सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि बदलते हालात में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।