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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की महत्वपूर्ण मुलाकात जी 7 शिखर सम्मेलन में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी 7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। यह मुलाकात 16 महीने बाद हुई है, जिसमें व्यापार समझौते और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। सम्मेलन में कई वैश्विक नेता शामिल हुए हैं। जानें इस महत्वपूर्ण मुलाकात के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

जी 7 शिखर सम्मेलन में मोदी-ट्रंप की मुलाकात


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह मुलाकात जी 7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस के एवियन शहर में हुई, जहां मोदी ने समूह के अन्य नेताओं के साथ बैठक में भाग लिया। इस दौरान, ट्रंप और मोदी के बीच लगभग पांच मिनट की बातचीत हुई, जिसके बाद दोनों एक साथ बैठक में बैठे दिखाई दिए।


यह ध्यान देने योग्य है कि मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात लगभग 16 महीने बाद हुई है। इससे पहले, दोनों की आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। ट्रंप के राष्ट्रपति पद की दूसरी बार शपथ लेने के बाद मोदी अमेरिका का दौरा करने गए थे। बताया जा रहा है कि बुधवार को दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है, जिसमें व्यापार समझौते और अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।


सूत्रों के अनुसार, मोदी और ट्रंप के बीच भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते, टैरिफ, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार समझौते की बात चल रही है। हाल ही में अमेरिकी वार्ताकारों की टीम भारत आई थी और उन्होंने कहा था कि 99 प्रतिशत सहमति बन गई है, जिससे जल्द ही एक अंतरिम समझौता संभव हो सकता है।


इससे पहले, सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 52वें जी 7 शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में कई वैश्विक नेता शामिल हुए, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शामिल हैं।


प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया का दो दिन का दौरा पूरा करने के बाद मंगलवार को फ्रांस पहुंचें। स्लोवाकिया में जाने से पहले, उन्होंने नीस शहर में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। इसके बाद, वे स्लोवाकिया गए, जहां दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। स्लोवाकिया ने मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया।