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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई बातचीत में व्यापार, रक्षा और वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। इस वार्ता में अमेरिका द्वारा पारित नए टैरिफ बिल का भी जिक्र हुआ, जिसने भारत के साथ संबंधों पर प्रभाव डालने की संभावना जताई। जानें इस बातचीत के प्रमुख पहलुओं के बारे में।
 

मोदी और ट्रंप की बातचीत का सार

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस वार्ता में दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों और अन्य आपसी हितों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया और सहयोग को और गहरा करने के लिए निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।


क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार

पीएम मोदी और ट्रंप ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों पर चर्चा की और संपर्क में बने रहने पर सहमति व्यक्त की।


100 फीसद टैरिफ बिल के बाद पहली बातचीत

हाल ही में अमेरिकी संसद ने 'लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' को पारित किया है। इस विधेयक में चीन और भारत सहित रूस से तेल खरीदने वाले पांच प्रमुख खरीदारों पर 100 फीसद तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। इस विधेयक के पारित होने के बाद भारत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


क्या अमेरिका ने अपनाया संयम?

इसी संदर्भ में, पीएम मोदी और ट्रंप ने बुधवार को फोन पर बातचीत की। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम ने भारत के प्रति संयम बरता है। पिछले साल जब अमेरिका ने भारत पर 50 फीसद टैरिफ लगाया था, तब ट्रंप और उनके सलाहकारों ने नई दिल्ली को खुलकर निशाना बनाया था। लेकिन इस बार की बातचीत में भाषा अधिक संयमित रही।