प्रधानमंत्री मोदी करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, यात्रा समय में होगी कमी
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
नई दिल्ली, हरदोई। उत्तर प्रदेश में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अप्रैल, बुधवार को उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह समारोह हरदोई जिले के सलेमपुर गांव में आयोजित होगा, जो बिलग्राम तहसील के अंतर्गत आता है।
गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि बिहार के निवासियों के लिए भी दिल्ली की यात्रा आसान हो जाएगी। वर्तमान में, सड़क मार्ग से दिल्ली से पटना तक पहुंचने में लगभग 14 से 18 घंटे लगते हैं। लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नेटवर्क से जुड़ने के बाद, यह समय घटकर 11 से 12 घंटे रह जाएगा। इसके अलावा, 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से मेरठ से प्रयागराज की दूरी अब केवल 6 से 7 घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि पहले यह यात्रा 12 से 13 घंटे में होती थी। यात्री मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगे और प्रयागराज पहुंचकर वाराणसी-गाजीपुर होते हुए बिहार की ओर बढ़ सकेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं:
इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है और इसकी कुल लागत लगभग ₹36,230 करोड़ है। इसकी अधिकतम गति सीमा 120 किमी/घंटा निर्धारित की गई है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी भी शामिल है, जहां लड़ाकू विमान लैंड कर सकते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से डिजिटल सुरक्षा से लैस किया गया है। इसमें हर कुछ दूरी पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीडिंग और सुरक्षा की निगरानी करेंगे। इसके अलावा, ड्राइवर की नींद या थकान से बचाने के लिए रंबल स्ट्रिप्स का उपयोग किया गया है और स्मार्ट टोल प्रणाली विकसित की गई है, जिससे वाहनों को टोल पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एक्सप्रेसवे यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाएगा। साथ ही, इसके किनारे प्रस्तावित 12 औद्योगिक क्लस्टरों से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।