प्रधानमंत्री मोदी का मन की बात: 132वां एपिसोड आज प्रसारित होगा
प्रधानमंत्री मोदी का रेडियो कार्यक्रम
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रसिद्ध रेडियो शो 'मन की बात' का 132वां एपिसोड आज प्रसारित होने वाला है। यह 2026 का तीसरा एपिसोड है, जिसमें देश और दुनिया के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद की जा रही है। इस बार मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और इसके वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी इस एपिसोड में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर अपने विचार साझा कर सकते हैं और यह भी बताएंगे कि इन घटनाओं का भारत पर क्या असर हो सकता है। विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति और महंगाई से संबंधित मुद्दों पर जनता को जागरूक करने की संभावना है।
अन्य महत्वपूर्ण विषय
और किन-किन मुद्दों पर हो सकती है बात?
इसके अलावा, आगामी अंबेडकर जयंती और बैसाखी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों का भी उल्लेख किया जा सकता है। इन आयोजनों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने का संदेश दिया जा सकता है।
अप्रैल में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पीएम मोदी मतदाताओं से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील भी कर सकते हैं। चुनावी माहौल में यह संदेश लोकतंत्र की मजबूती पर जोर देगा।
पिछले एपिसोड की चर्चा
इससे पहले एपिसोड में किस पर हुई थी चर्चा?
22 फरवरी को प्रसारित 131वें एपिसोड में, पीएम मोदी ने Global AI Impact Summit का उल्लेख किया था। उन्होंने बताया कि इस समिट में विश्वभर के नेता, उद्योग प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए थे। उन्होंने प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए AI की पहल की सराहना की थी।
पिछले एपिसोड में पीएम ने ऑर्गन डोनेशन और साइबर क्राइम जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा की थी। साथ ही, स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्हें देश की ताकत बताया था।
पिछले एपिसोड के मुद्दे
130वें एपिसोड में किन मुद्दों पर हुई थी बात?
130वें एपिसोड में भारतीय संस्कृति और त्योहारों की वैश्विक पहचान पर जोर दिया गया था। वहीं, 129वें एपिसोड में दवाओं के गलत इस्तेमाल और एंटीबायोटिक के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की गई थी।
128वें एपिसोड में भारतीय खेलों की उपलब्धियों की सराहना की गई थी, जबकि 127वें एपिसोड में छठ पूजा और राष्ट्रीय एकता से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई थी।