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प्रधानमंत्री मोदी का महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी जिक्र किया, जो महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करता है। उनका मानना है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से देश की नीतियों में सकारात्मक बदलाव आएगा। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर पीएम मोदी के विचार और उनकी अपील।
 

महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की अपील


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।


महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की महिलाएं स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रही हैं। उन्होंने पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या का उल्लेख किया, यह बताते हुए कि ये महिलाएं न केवल स्थानीय समस्याओं का समाधान कर रही हैं, बल्कि सक्षम नेतृत्व भी प्रदान कर रही हैं।


#WATCH | दिल्ली: लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यहां तिरंगे के नीचे खड़े होकर, मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं: आइए, महिलाओं के सशक्तिकरण के चैंपियन बनें।" pic.twitter.com/9OjmX540kP

— News Media (@NewsMedia) 15 अगस्त, 2026



नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पीएम का दृष्टिकोण

अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में अधिक प्रतिनिधित्व देने का सपना देश के सामने लंबे समय से है। पिछले चार दशकों में यह मुद्दा विभिन्न कारणों से राजनीतिक विवादों का हिस्सा बना रहा है।


लाल किले से प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से इस दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को अपनी महिलाओं की क्षमता और शक्ति का सम्मान करना चाहिए। पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे महिलाओं को उनके अधिकार देने की दिशा में तेजी से कार्य करें।


महिलाओं के प्रतिनिधित्व का महत्व

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलने से वे देश की नीतियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने इसे महिलाओं की भागीदारी और देश के विकास से जोड़ते हुए राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।


पीएम मोदी ने कहा कि पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में महिला जनप्रतिनिधियों की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि महिलाएं नेतृत्व की जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभा रही हैं। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर महिलाओं का नेतृत्व देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।


राजनीतिक दलों से पीएम का आग्रह

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इसी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए राजनीतिक दलों से इसे आगे बढ़ाने का आग्रह किया।


उन्होंने कहा कि देश की माताओं और बहनों को राजनीतिक व्यवस्था में अधिक अवसर मिलने से वे भारत की नीतियों को आकार देने में सक्रिय योगदान दे सकेंगी। पीएम मोदी ने सभी दलों से राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।