×

प्रधानमंत्री मोदी का शहीद स्मारक का उद्घाटन जल्द, हरियाणा की गौरवगाथा को दर्शाएगा

हरियाणा में एशिया के सबसे बड़े शहीद स्मारक का उद्घाटन जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह स्मारक 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में बनाया गया है और इसमें आधुनिक तकनीक से सुसज्जित संग्रहालय होगा। 22 एकड़ में फैले इस स्मारक का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देना है। जानें इस स्मारक की विशेषताएं और इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में।
 

शहीद स्मारक का उद्घाटन

* पीएम मोदी जल्द कर सकते हैं शहीद स्मारक का उद्घाटन *


* 22 एकड़ में फैला ड्रीम प्रोजेक्ट, 700 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार *


* आधुनिक तकनीक से सुसज्जित संग्रहालय में हरियाणा की गौरवगाथा प्रदर्शित होगी *


चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को अम्बाला कैंट में एशिया के सबसे बड़े शहीद स्मारक का निरीक्षण करेंगे। यह स्मारक अम्बाला छावनी में 1857 की लड़ाई में शहीदों की याद में बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में इस स्मारक का निर्माण कार्य अनिल विज के प्रयासों से शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री सैनी इस स्मारक के निर्माण के अंतिम चरण में रहेंगे।


शहीद स्मारक का महत्व

यह स्मारक 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जिसमें 1857 की क्रांति से संबंधित इतिहास को विभिन्न माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें 63 मीटर ऊंचा कमल के आकार का मेमोरियल टॉवर भी शामिल है, जहां रात के समय लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया जाएगा। इसके सामने 2000 लोगों के बैठने की क्षमता वाली दर्शक दीर्घा भी होगी।


हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देगा। यह स्मारक स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा का जीवंत दस्तावेज होगा, जो आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।


इतिहास की गूंज

अंबाला से उठी थी आजादी की पहली चिंगारी


इतिहास के अनुसार, 10 मई 1857 को मेरठ में क्रांति का आरंभ हुआ, लेकिन उससे पहले अंबाला छावनी में विद्रोह की चिंगारी सुलग चुकी थी। भारतीय रेजिमेंट 60वीं नेटिव इन्फैंट्री ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया। हरियाणा की धरती ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


अनिल विज का सपना

अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट बना राष्ट्रीय पहचान


अनिल विज, जो अम्बाला छावनी से सातवीं बार विधायक बने हैं, लंबे समय से इस परियोजना को साकार करने में जुटे हुए थे। उन्होंने कहा कि स्मारक में 1857 की क्रांति से जुड़े संघर्षों का जीवंत चित्रण किया जाएगा।


संग्रहालय और अन्य सुविधाएं

स्मारक में दिखेगा इतिहास का भव्य स्वरूप


स्मारक परिसर में विशाल इंटरप्रीटेशन सेंटर, दो मंजिला संग्रहालय, ओपन एयर थिएटर और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां 2500 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर भी बनाया गया है।


डेढ़ सौ फुट ऊंचा मेमोरियल टॉवर बनेगा पहचान


स्मारक का सबसे भव्य हिस्सा करीब डेढ़ सौ फुट ऊंचा मेमोरियल टॉवर होगा, जिसमें आधुनिक सुविधाएं होंगी।


पर्यटन और शोध का केंद्र

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्मारक भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा। यहां विद्यार्थी, इतिहासकार और पर्यटक पहुंचेंगे, जिससे हरियाणा की ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।