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प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा बचत की अपील, वैश्विक संकट के बीच जिम्मेदार उपयोग पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में नागरिकों से ईंधन की बचत करने की अपील की है, जबकि उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, मोदी ने ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का अवसर बताया। जानें उनके विचार और योजनाएं।
 

प्रधानमंत्री की अपील

नई दिल्ली - पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ईंधन की बचत करने और ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है। रविवार को गुजरात के वडोदरा में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहिए।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें पेट्रोल, डीजल और गैस जैसी आयातित ऊर्जा पर निर्भरता को कम करना होगा। यदि हर व्यक्ति जरूरत के अनुसार ही ईंधन का उपयोग करेगा, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी।”


वास्तव में, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और तेल आपूर्ति मार्गों पर संकट के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो कई देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें और बढ़ सकती हैं। भारत अपनी आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा प्रभाव घरेलू बाजार पर पड़ता है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां भारत के लिए ऊर्जा संरक्षण को एक जन आंदोलन में बदलने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग, बिजली की बचत और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने की अपील की। पीएम ने कहा, “छोटे-छोटे प्रयास भी देश के लिए बड़ा योगदान साबित हो सकते हैं।”


अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज सौर और हरित ऊर्जा उत्पादन में तेजी से प्रगति कर रहा है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल और एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देकर ऊर्जा आयात के बोझ को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।


पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में करोड़ों घरों में एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं और अब पाइप्ड गैस नेटवर्क तथा सीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उनका कहना था कि भविष्य में भारत का ध्यान स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने पर रहेगा।


वडोदरा दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें नए औद्योगिक कॉरिडोर, रेलवे लाइन विस्तार, ग्रीन एनर्जी पार्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब और शहरी परिवहन परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।