प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में संभावित फेरबदल, नए चेहरों की एंट्री
कैबिनेट में बदलाव की तैयारी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार मानसून सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट में महत्वपूर्ण बदलाव कर सकती है। इस प्रक्रिया में मंत्रियों की नियुक्ति, कुछ का हटना और विभागों का पुनर्विभाजन शामिल हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, यह बदलाव पार्टी के नए नेतृत्व के तहत संगठनात्मक ढांचे में सुधार के लिए किया जा सकता है।
बीजेपी में नए नेतृत्व की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व मंत्रियों की नई सूची को अंतिम रूप दे चुका है और 'नितिन नवीन की टीम' का ऐलान जल्द ही किया जा सकता है। पार्टी के युवा नेताओं को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने की संभावना है। हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष ने कुछ केंद्रीय राज्य मंत्रियों के साथ चर्चा की थी। यह भी संभव है कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठनात्मक भूमिकाओं में भेजा जाए और पार्टी के पदाधिकारियों को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए।
धर्मेंद्र प्रधान और अन्य मंत्रियों की स्थिति
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, खासकर NEET प्रश्नपत्र लीक और CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में अनियमितताओं के कारण। इसके अलावा, हरदीप सिंह पुरी को भी कैबिनेट से हटाने की संभावना है। संगठनात्मक भूमिकाओं में बदलाव के तहत, हाल ही में बीजेपी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बने पंकज चौधरी और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की भूमिकाओं में भी परिवर्तन हो सकता है।
अनुराग ठाकुर की संभावित वापसी
क्या अनुराग ठाकुर की होगी वापसी?
पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास को नए सदस्य के रूप में शामिल करने की चर्चा है, जबकि पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर की सरकार में वापसी पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने की अटकलें हैं।
राज्यों का प्रतिनिधित्व
सूत्रों का कहना है कि फेरबदल में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर भी ध्यान दिया जा सकता है। बीजेपी सहयोगियों और हाल ही में शामिल हुए राजनीतिक समूहों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के सांसदों को मौका
TMC, शिवसेना-UBT, AAP से आए सांसदों को मिल सकता है मौका
तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बागी गुटों के कुछ प्रतिनिधियों को भी मंत्री पद मिलने की संभावना है। इसके अलावा, आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों में से एक या दो को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष के विवेक पर निर्भर करेगा।