☰
×

प्रधानमंत्री मोदी की नीति आयोग के नए नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नीति आयोग के नए नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे, जिसमें 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नीतियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में घरेलू विनिर्माण, रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि पर चर्चा की जाएगी। नीति आयोग के सभी सदस्यों द्वारा प्रेजेंटेशन दिए जाने की संभावना है, जिसमें दीर्घकालिक विकास विजन के अनुरूप प्रमुख कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
 

बैठक का उद्देश्य और प्राथमिकताएँ

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नीति आयोग के नए नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेंगे। इस बैठक में नीतिगत पहलों की समीक्षा की जाएगी और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार की योजना पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, 2027-28 के केंद्रीय बजट के लिए प्राथमिकताएँ भी निर्धारित की जा सकती हैं।


मुख्य चर्चा के बिंदु

इस बैठक में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर सृजित करने और भारत की आर्थिक वृद्धि को तेज करने पर जोर दिया जाएगा। नीति आयोग के सभी सदस्यों द्वारा प्रेजेंटेशन दिए जाने की संभावना है, जिसमें दीर्घकालिक विकास विजन के अनुरूप प्रमुख कार्यों और नीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।


उपस्थित सदस्य

बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुराग जैन और अन्य सदस्य जैसे राजीव गौबा, आर बालसुब्रमण्यम, जोरम अनिया, केवी राजू, एम श्रीनिवास, गोवर्धन दास और अभय करंदीकर शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस चर्चा में भाग लेंगे।


महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार अपने महत्वाकांक्षी 'विकसित भारत @2047' विजन पर कार्य कर रही है, जिसका उद्देश्य भारत को उसकी स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक एक विकसित राष्ट्र में बदलना है। इससे पहले, 11 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की थी।


पिछली बैठक की चर्चा

पिछली बैठक में 'विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास' विषय पर चर्चा की गई थी, जिसमें सभी 28 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक शामिल हुए थे। इस बैठक में मानव विकास के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया गया, जैसे मानव पूंजी को मजबूत करना, कौशल विकास, उत्पादक रोजगार को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य सेवा में सुधार और सभी नागरिकों के लिए समानता सुनिश्चित करना।