प्रधानमंत्री मोदी की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना का कार्यान्वयन शुरू
नई दिल्ली में योजना की समीक्षा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा के बाद, केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें प्रस्तावित व्यवस्था की समीक्षा की गई। सरकार का उद्देश्य देशभर के युवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यवस्थित तैयारी उपलब्ध कराना है, ताकि कोचिंग का आर्थिक बोझ कम किया जा सके।
मुफ्त कोचिंग की घोषणा
प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में एक मजबूत राष्ट्रीय मंच बनाने पर चर्चा की गई। इस मंच के माध्यम से छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञों की सलाह प्रदान करने की योजना है। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए व्यवस्थित अध्ययन व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने योजना के कार्यान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मंत्री को जानकारी दी।
स्वतंत्रता दिवस पर की गई घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि कोचिंग संस्थानों की फीस गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालती है। सरकार डिजिटल माध्यम से इस खर्च को कम करने की दिशा में काम करेगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में डिजिटल बुनियादी ढांचा और योग्य शिक्षक मौजूद हैं, जिन्हें एक मंच पर लाया जाएगा।
पढ़ाई के संसाधनों का एकीकृत मंच
सरकार की योजना के तहत छात्रों को विभिन्न परीक्षाओं के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसका उद्देश्य उन युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तैयारी पहुंचाना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस व्यवस्था से परिवारों पर हजारों करोड़ रुपये के कोचिंग खर्च का बोझ कम हो सकता है, और छात्र अपने परिवार के करीब रहकर पढ़ाई कर सकेंगे।
कोचिंग व्यवस्था पर उठते सवाल
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महंगी कोचिंग का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। हाल ही में NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर युवाओं में नाराजगी देखने को मिली थी। जुलाई में CJP के नेतृत्व में 'संसद चलो' अभियान के दौरान युवाओं ने शिक्षा से जुड़े कई सवाल उठाए। इस आंदोलन ने कोचिंग व्यवस्था और परीक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया।
जल्द लागू होने की संभावना
बुधवार की बैठक से यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार प्रधानमंत्री की घोषणा को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित राष्ट्रीय डिजिटल मंच के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। आने वाले समय में इस व्यवस्था का स्वरूप, उपलब्ध पाठ्यक्रम और परीक्षा आधारित सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल शिक्षा मंत्रालय योजना की रूपरेखा तैयार करने में जुटा है।