प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर BJP का एक महीने का सेवा संकल्प अभियान: जानें क्या है खास
नई दिल्ली में सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को मनाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशभर में एक महीने का 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू करने जा रही है। यह महाअभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सेवा, सुशासन, गरीबों के कल्याण और 'विकसित भारत' की भावना को आम जनता के बीच फैलाना है। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी, और इस बार पार्टी उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को बड़े स्तर पर मनाने की योजना बना रही है। इस बार कार्यक्रमों की अवधि एक पखवाड़े के बजाय पूरे एक महीने की होगी।
13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से जनसंपर्क को बढ़ावा
13 प्रमुख कार्यक्रमों से मजबूत होगा जनसंपर्क
इस अभियान को सफल बनाने के लिए लगभग 13 बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। इसकी शुरुआत 17 सितंबर को 'आशीर्वाद का दीया' जलाने से होगी। स्कूली बच्चों के लिए '25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत' नामक चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, 'नमो सेवा गाथा' के तहत नुक्कड़ नाटकों और 'कहानी बदलाव की' के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियों को साझा किया जाएगा।
वडनगर से काशी तक की सेवा यात्रा
वडनगर से काशी तक जुड़ी सेवा यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की जन्मभूमि वडनगर और कर्मभूमि वाराणसी को जोड़ते हुए 'जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा के तहत गुजरात से उत्तर प्रदेश तक बाइक रैलियां और जनसंवाद कार्यक्रम होंगे। जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने के लिए 'सेवा सेतु अभियान' के तहत ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ेंगे। 'आंगन का उत्सव' पहल के तहत देशभर की 14 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा और पोषण तथा मातृ कल्याण पर संवाद किया जाएगा।
विशेष आयोजन 2 और 7 अक्टूबर को
2 और 7 अक्टूबर के खास आयोजन
इस अभियान के दौरान 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 7 अक्टूबर को मोदी के सत्ता में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष आयोजन होंगे, जिनका समापन एक बड़े 'जनसेवा महाकुंभ' में होगा। इस सामाजिक अभियान के पीछे एक ठोस राजनीतिक रणनीति भी है। भाजपा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता के बीच जाकर विपक्ष के नैरेटिव का जवाब दें और देश की बढ़ती वैश्विक ताकत को कमजोर करने वाली शक्तियों के खिलाफ राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाएं। कुल मिलाकर, यह एक महीने का अभियान भाजपा के लिए चुनावी माहौल से पहले महिला, युवा, किसान और लाभार्थी वर्ग को संगठनात्मक ढांचे से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण साधन बनने जा रहा है।