प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 के लक्ष्य के लिए सप्तधारा का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री का संबोधन
15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए विकसित भारत के 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 'सप्तधारा' या सात शक्तियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन शक्तियों पर ध्यान केंद्रित करके ही भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।
चुनौतियों का सामना
प्रधानमंत्री ने कहा, 'पिछले 10-12 वर्षों में हम 2047 के लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहे हैं। हमें इस दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया और अर्थव्यवस्था को संकट में डाल दिया।'
सप्तधारा योजना का विवरण
पहली धारा: उत्पादन शक्ति: मोदी ने कहा कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाना आवश्यक है। हमें छोटे पुर्जों से लेकर पूरी वैल्यू चेन को अपने नियंत्रण में लाना होगा।
दूसरी धारा: कृषि और फूड प्रोसेसिंग शक्ति: किसानों को वैश्विक बाजार में पहुंचाना होगा।
तीसरी धारा: तकनीक शक्ति: भारत को इनोवेशन का केंद्र बनाना है।
चौथी धारा: गति शक्ति: देश में मजबूत कनेक्टिविटी की आवश्यकता है।
पांचवी धारा: रक्षा शक्ति: आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाना होगा।
छठवीं धारा: ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी: ग्रीन एनर्जी और समुद्री संसाधनों का सही उपयोग करना होगा।
सातवीं धारा: सॉफ्ट पावर: भारत की सांस्कृतिक ताकत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलानी होगी।
संकल्प और सामूहिक शक्ति
प्रधानमंत्री ने कहा कि सप्तधारा की इन शक्तियों पर आधारित योजना के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है। 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति से यह संकल्प पूरा होगा।