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प्रधानमंत्री मोदी ने 21वीं सदी में डेटा और नवाचार की शक्ति पर जोर दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी में डेटा, ज्ञान और नवाचार की शक्ति पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे तकनीक और डिजिटल भुगतान प्रणाली सभी के लिए अवसर पैदा कर सकती है। मोदी ने स्टार्टअप की बढ़ती संख्या और भारत के लोकतंत्र की ताकत पर भी प्रकाश डाला। उनका संदेश 'पावर टू एम्पावर' का था, जो दूसरों को सशक्त बनाने की आवश्यकता को दर्शाता है।
 

नई दिल्ली में पीएम मोदी का संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि 21वीं सदी में डेटा, ज्ञान और नवाचार नए शक्ति स्रोत बन गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि असली प्रश्न यह है कि शक्ति का उपयोग कैसे किया जा रहा है। यह संदेश उन्होंने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में साझा किया। पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने का माध्यम बन सकती है या यह लाखों लोगों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है। यह फोरम पहली बार भारत में आयोजित हो रहा है।


ज्ञान और शक्ति का सही उपयोग

पीएम मोदी ने कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति का मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि उनका उपयोग कैसे किया जाता है। उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान का उपयोग विवादों में, धन का घमंड में और शक्ति का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। इसके बजाय, ज्ञान का उपयोग समझ बढ़ाने, धन का दान में और शक्ति का दूसरों की रक्षा में होना चाहिए।


सभी के लिए ज्ञान का विस्तार

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि असली सवाल यह है कि क्या ज्ञान कुछ लोगों की शक्ति बनकर रह जाएगा या यह सभी की क्षमताओं को बढ़ाएगा। उन्होंने इसे ‘पावर टू एम्पावर’ के रूप में परिभाषित किया, जिसका अर्थ है दूसरों को सशक्त बनाना। पीएम मोदी ने कहा कि यह सोच प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग को बढ़ावा देती है।


भारत का लोकतंत्र और डिजिटल शक्ति

पीएम मोदी ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि देश में 100 से अधिक भाषाएं, लगभग 80,000 पंजीकृत समाचार पत्र और 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं। उन्होंने बताया कि भारत में 50 करोड़ से अधिक यूट्यूब और इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता हैं, जो डिजिटल शक्ति का प्रमाण है।


डिजिटल भुगतान की समावेशिता

प्रधानमंत्री ने विदेशी मेहमानों से भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली का अनुभव करने की अपील की। उन्होंने बताया कि भारत में विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले लोग एक ही डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं, जिसे उन्होंने समावेशी तकनीक की ताकत बताया।


स्टार्टअप की बढ़ती संख्या

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत में कुछ सौ स्टार्टअप थे, जबकि अब उनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। इनमें से लगभग आधे छोटे शहरों और कस्बों से हैं, और 45 प्रतिशत स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार है।


वैश्विक चुनौतियों का सामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने दृष्टिकोण के साथ वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने बताया कि 21वीं सदी में दुनिया ने कई अभूतपूर्व संकट देखे हैं, जैसे महामारी और युद्ध। उन्होंने कहा कि पहले जो चीजें दुनिया को जोड़ती थीं, अब वे दबाव बनाने के साधन बन गई हैं।