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प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा पर आपात बैठक बुलाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की। ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराया है, विशेषकर प्राकृतिक गैस की कमी महसूस की जा रही है। बैठक में शामिल मंत्रियों ने खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के उपायों पर विचार किया। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 

ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक आपात बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने देश की ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। जानकारी के अनुसार, बैठक में तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई। ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है, विशेषकर प्राकृतिक गैस की कमी महसूस की जा रही है।


बैठक में शामिल मंत्री

प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में कच्चे तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति श्रृंखला की समीक्षा की गई। ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच, केंद्र सरकार की प्राथमिकता देश में ईंधन और बिजली की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करना है। इस बैठक में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के सभी मंत्री, जैसे रक्षा, गृह, वित्त और विदेश मंत्री शामिल हुए। इसके अलावा, पेट्रोलियम मंत्री और कई अन्य वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री तथा अधिकारी भी उपस्थित थे।


कैबिनेट मंत्रियों की उपस्थिति

बैठक में एक दर्जन से अधिक कैबिनेट मंत्री शामिल हुए, जिनमें स्वास्थ्य, शिपिंग, वाणिज्य, विमानन, कृषि और सूचना एवं प्रसारण विभाग के मंत्री शामिल थे। इसके साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव भी बैठक में मौजूद थे। इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा के उपायों की समीक्षा की गई और खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी चर्चा की गई।


सरकार की रणनीतियाँ

यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर बातचीत की थी। इससे पहले, उन्होंने खाड़ी के चार देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी संवाद किया था। सरकार का प्रयास होरमुज की खाड़ी से भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने और रूस सहित अन्य देशों से तेल और गैस की खरीद बढ़ाने का है, ताकि देश में तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, सोमवार, 23 मार्च से सरकार ने राज्यों में कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति बढ़ाने की घोषणा की है, जिसमें 50 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया गया है।