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प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावी दौरे में विकास परियोजनाओं की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में असम और बंगाल का दौरा किया, जहां उन्होंने करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। चुनावी माहौल तैयार करने के लिए उन्होंने रैलियों में भारी जनसमर्थन का दावा किया। जानें कैसे ये परियोजनाएं असम और बंगाल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
 

चुनावों की तैयारी में मोदी का दौरा

नई दिल्ली: भारत के पांच राज्यों और पुडुचेरी में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्वाचन आयोग ने आज पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की है। इस कार्यक्रम की घोषणा से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और बंगाल का दौरा किया, जहां उन्होंने करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन रैलियों और विकास कार्यों के माध्यम से उन्होंने बीजेपी के लिए चुनावी माहौल तैयार किया है.


बंगाल में भारी जनसमर्थन का दावा

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कोलकाता रैली की तस्वीरें साझा करते हुए बंगाल में बीजेपी के प्रति व्यापक जनसमर्थन का दावा किया। उन्होंने शनिवार की रैली में जुटी भीड़ को 'उत्साहजनक' बताते हुए कहा कि बंगाल की जनता बदलाव के लिए तैयार है। उनके अनुसार, कोलकाता का यह उत्साह आगामी चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा.


बंदरगाहों और जलमार्गों का महत्व

कोलकाता में पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए बंदरगाह और जल परिवहन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के आधुनिकीकरण और पूर्वी भारत की अनदेखी समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि जलमार्गों के विकास से व्यापार और औद्योगिक निवेश के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे.


असम में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने सिलचर में 23,550 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इससे पहले गुवाहाटी में भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई थी। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य असम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है.


हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे का भूमि पूजन

शिलांग-सिलचर कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन असम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। 22,860 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मार्ग पूर्वोत्तर का पहला हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे होगा। इसके साथ ही पाथरकांडी में कृषि महाविद्यालय की आधारशिला भी रखी गई। ये परियोजनाएं यात्रा के समय को कम करेंगी और असम के दूरदराज के क्षेत्रों को शिक्षा और व्यापार के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ेंगी.