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प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक रोकने वाले कानून का स्वागत किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद द्वारा पारित पेपर लीक रोकने वाले कानून का स्वागत किया है, जिससे परीक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इस कानून को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे छात्रों के हितों की रक्षा होगी। मोदी ने आश्वासन दिया कि पेपर लीक गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस नए कानून में पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए कठोर सजा का प्रावधान है। जानें इस कानून की विशेषताएँ और सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में।
 

प्रधानमंत्री का बयान


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जाएगा। एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक की घटनाएं लंबे समय से देश के लिए चिंता का विषय रही हैं। कई सरकारें आईं, लेकिन कोई ठोस कानून नहीं बना।'


पीएम मोदी ने आगे कहा कि उनकी सरकार ने इस मुद्दे को प्राथमिकता दी। उन्होंने संसद में इस बिल को पेश किया और दोनों सदनों में इस पर विस्तृत चर्चा हुई। अब यह बिल पारित हो चुका है। पीएम मोदी ने इस बिल के बारे में जानकारी देते हुए सभी का धन्यवाद किया। देखें वीडियो-


Parliament passes a Bill that makes our examination system more robust! pic.twitter.com/OEvLKXoUaf

— Narendra Modi (@narendramodi) July 30, 2026



सरकार की प्रतिबद्धता

सरकार की प्रतिबद्धता:


पीएम मोदी ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पेपर लीक गैंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'हमें मिलकर 'विकसित भारत' का सपना पूरा करना है। हम ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेंगे।'


बिल की विशेषताएँ

बिल की खास बातें:



  • पेपर लीक में शामिल व्यक्तियों को 5 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख तक का जुर्माना होगा।


  • संगठित पेपर लीक (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) के लिए 7 साल की न्यूनतम सजा और 10 करोड़ तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है।


  • जांच को 2 महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।


  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल 3 महीने में पूरा करना आवश्यक है।