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प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में एआई समिट और छात्रों को दी सलाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 131वें एपिसोड में छात्रों को परीक्षा के दौरान घबराने से मना किया और एआई समिट पर चर्चा की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि भी दी और केरल की मामंगम परंपरा का उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने तकनीकी विकास और युवा किसानों की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। जानें और क्या कहा पीएम मोदी ने इस एपिसोड में।
 

प्रधानमंत्री मोदी का संवाद


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 131वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने हाल ही में दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समिट, तकनीकी प्रगति, युवा किसानों, छात्रों और खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर चर्चा की। पीएम ने छात्रों को परीक्षा के दौरान घबराने से मना किया।


छात्रों के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा के समय घबराना स्वाभाविक है, लेकिन छात्रों को इससे डरना नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि हर पीढ़ी ने इस अनुभव का सामना किया है और छात्र अकेले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की मार्कशीट उनके मूल्य का निर्धारण नहीं करती। इसलिए, जो कुछ भी उन्होंने सीखा है, उसे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में प्रस्तुत करें और कठिन सवालों को अपने मन पर हावी न होने दें।


जयललिता को श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जयललिता ने समाज के कल्याण के लिए हमेशा काम किया और वे जनता के दिलों में जीवित हैं। उनके नाम से ही तमिलनाडु के लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उनके द्वारा किए गए कई सराहनीय कार्यों का भी उल्लेख किया।


आस्था की एकता

मन की बात के इस एपिसोड में, पीएम मोदी ने केरल के तिरुनावाया में भारतप्पुझा नदी के किनारे स्थित सदियों पुरानी मामंगम परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह केवल स्नान का त्योहार नहीं है, बल्कि यह स्मृति और संस्कृति का जागरण है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम लगभग ढाई सौ वर्षों तक अपनी भव्यता में नहीं हो पाया, लेकिन अब देश अपनी विरासत को फिर से पहचान रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे केरला कुम्भ हो या महाकुंभ, नदियां अलग हो सकती हैं, लेकिन आस्था की धारा एक है, और यही भारत की ताकत है।