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प्रधानमंत्री मोदी ने राइजिंग भारत समिट में वैश्विक छवि पर चर्चा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राइजिंग भारत समिट में भारत की बदलती वैश्विक छवि पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे देश ने आर्थिक सुधारों के माध्यम से अपनी स्थिति को मजबूत किया है। मोदी ने यूरोप और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों का उल्लेख किया और ओमान तथा इज़रायल के साथ सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उनका मानना है कि भारत अब अपनी खोई हुई क्षमता को पुनः प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। जानें उनके विचार और भविष्य की दिशा के बारे में।
 

प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक छवि पर टिप्पणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राइजिंग भारत समिट में देश की बदलती वैश्विक छवि पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले भारत को एक कमजोर अर्थव्यवस्था और नीतिगत असमंजस का देश माना जाता था, लेकिन अब यह स्थिति बदल चुकी है। उनके अनुसार, विकसित राष्ट्र अब भारत के साथ व्यापारिक समझौतों के लिए आगे बढ़ रहे हैं, जो पिछले दशक में किए गए सुधारों और आत्मविश्वास में वृद्धि का परिणाम है।


मानसिकता में बदलाव

मानसिकता में बदलाव की बात

प्रधानमंत्री ने बताया कि लंबे समय तक देश में हीन भावना का अनुभव किया गया। उन्होंने कहा कि विदेशी विचारधाराओं के प्रभाव के कारण भारत अपनी क्षमताओं पर विश्वास नहीं कर पा रहा था। आजादी के बाद भी यह सोच पूरी तरह समाप्त नहीं हुई थी। अब देश ने इस मानसिकता को पीछे छोड़ते हुए अपनी ताकत को पहचानना शुरू कर दिया है।


आर्थिक सुधारों का प्रभाव

आर्थिक सुधारों का असर

मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में नीतियों और प्रशासन में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले की नीति में जो पक्षाघात था, वह अब समाप्त हो चुका है। उनके अनुसार, एक मजबूत आर्थिक ढांचा और स्थिर शासन ने वैश्विक स्तर पर विश्वास अर्जित किया है, जिससे व्यापार वार्ताओं में भारत की स्थिति मजबूत हुई है।


यूरोप और अमेरिका के साथ समझौते

यूरोप और अमेरिका से समझौते

प्रधानमंत्री ने हाल में हुए समझौतों का उल्लेख किया, जिसमें यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक बताया गया। अमेरिका के साथ भी अंतरिम व्यापार समझौते के तहत टैरिफ में कमी की घोषणा की गई है। इन कदमों को भारत की बढ़ती वैश्विक भागीदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


ओमान और इज़रायल के साथ सहयोग

ओमान और इज़रायल से सहयोग

भारत ने ओमान के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता किया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है। इज़रायल के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है, जिसमें निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।


भविष्य की दिशा

आगे का क्या है रास्ता

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब अपनी खोई हुई क्षमता को पुनः प्राप्त करने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में और देश भारत के साथ साझेदारी के लिए आगे आएंगे। उनके अनुसार, यह बदलती सोच और सुधारों का परिणाम है कि दुनिया अब भारत को एक नए दृष्टिकोण से देख रही है।