प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में भारत की आर्थिक प्रगति पर जोर दिया
प्रधानमंत्री का संबोधन
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजकोट में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में भारत की आर्थिक स्थिति और राजनीतिक स्थिरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे 21वीं सदी के भारत की आत्मविश्वास भरी यात्रा का प्रतीक बताया। मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की उम्मीदें बढ़ रही हैं और देश तेजी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
वाइब्रेंट गुजरात का महत्व
प्रधानमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात केवल एक सम्मेलन नहीं है, बल्कि यह आधुनिक भारत के विकास की यात्रा का प्रतीक है। यह यात्रा एक सपने से शुरू हुई थी और अब यह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है। पिछले 20 वर्षों में, वाइब्रेंट गुजरात एक वैश्विक मानक बन चुका है, जिसमें अब तक दस संस्करण आयोजित हो चुके हैं, और हर बार इसकी पहचान और प्रभाव बढ़ा है।
आर्थिक प्रगति के आंकड़े
भारत की आर्थिक उपलब्धियों का प्रदर्शन
सम्मेलन में, प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक उपलब्धियों के कई महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, महंगाई नियंत्रण में है, और कृषि उत्पादन नए रिकॉर्ड बना रहा है। भारत दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है और जेनेरिक दवाओं तथा वैक्सीन उत्पादन में भी अग्रणी है।
डिजिटल और औद्योगिक क्षेत्र में प्रगति
डिजिटल इंडिया की सफलता
प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में, भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा उपभोक्ता बन चुका है। यूपीआई अब दुनिया का नंबर एक रियल टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म है। भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है और देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम तीसरे स्थान पर है।
राजनीतिक स्थिरता का महत्व
वैश्विक निवेशकों का भरोसा
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक स्थिरता ने आर्थिक विकास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी स्थिरता के कारण वैश्विक निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ा है। वाइब्रेंट गुजरात जैसे मंचों ने भारत को निवेश, नवाचार और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।
गुजरात का विकास मॉडल
विरासत और प्रगति का संगम
यह प्रधानमंत्री का 2026 में गुजरात का पहला दौरा था। उन्होंने बताया कि वर्ष की शुरुआत उन्होंने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना से की। इसके बाद, उन्होंने सौराष्ट्र में इस प्रमुख विकास कार्यक्रम में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने गुजरात को विरासत और प्रगति का संगम बताया और कहा कि इसका विकास मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा है।