×

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में महिला सम्मेलन में नारी शक्ति का किया सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में महिला सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्होंने नारी शक्ति का सम्मान किया और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने महिलाओं के लिए आरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि उनकी सरकार ने महिला कल्याण को प्राथमिकता दी है। मोदी ने कहा कि परिवारवादी दल नारी शक्ति से डरते हैं और महिलाओं को संसद में आने से रोकना चाहते हैं। इस सम्मेलन में उन्होंने विकास योजनाओं और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर भी चर्चा की।
 

महिला सम्मेलन में प्रधानमंत्री का संबोधन


वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हाल ही में दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई है, जो काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई के बीच चलेंगी। ये ट्रेनें उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, जिससे मुंबई के लोग अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इस शुभारंभ के लिए उन्होंने देशवासियों को बधाई दी।


प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अवसर नारी शक्ति के सम्मान और विकास का उत्सव है। उन्होंने बताया कि यहां हजारों करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है, जिसमें काशी और अयोध्या की कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित बनाने का मिशन निरंतर जारी है और इसमें नारी शक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है।


उन्होंने आगे कहा कि काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री के रूप में, उन्हें महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए सभी का समर्थन चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल ही में सपा और कांग्रेस जैसे दलों के कारण यह प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि वह महिलाओं के आरक्षण के अधिकार को लागू करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।


मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने महिला कल्याण को प्राथमिकता दी है। 2014 में जब उन्हें सेवा का अवसर मिला, तब 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए, 30 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते खोले गए और 2.5 करोड़ घरों में बिजली का कनेक्शन दिया गया। इसके अलावा, 12 करोड़ से अधिक घरों में नल से जल पहुंचाया गया।


उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। पिछले 11 वर्षों में लगभग 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिन्हें लाखों रुपये की सहायता मिल रही है। इसके परिणामस्वरूप 3 करोड़ महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि परिवारवादी और तुष्टिकरण में लिप्त दल नारी शक्ति से डरते हैं और नहीं चाहते कि महिलाएं विधानसभा और संसद में आएं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि नई संसद के निर्माण के बाद, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का पहला कदम उठाया गया। यह अधिकार 40 वर्षों से लटका हुआ था, और 2023 में नारी शक्ति अधिनियम पारित किया गया। उन्होंने बताया कि संविधान में संशोधन के लिए कानून लाया गया था, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों ने फिर से महिलाओं को धोखा दिया।