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प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका पर चर्चा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में भारत की वैश्विक भूमिका पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जब विश्व व्यवस्था बदल रही है, तो हमें भी अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव लाना चाहिए। पीएम ने भारत की फार्मास्यूटिकल क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अब दवाओं और कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर नहीं रहेगा। उनका यह भाषण वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान भारत की भूमिका को भी उजागर करता है।
 

प्रधानमंत्री मोदी का एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में संबोधन


गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में भाग लिया, जहां उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब विश्व व्यवस्था बदल रही है, तो हमें भी अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव लाना चाहिए। पीएम ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो मत्स्य न्याय की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी, जिसमें बड़ी मछलियाँ छोटी मछलियों को निगल जाती हैं। चाणक्य के अर्थशास्त्र का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था कमजोर होती है, तो मत्स्य न्याय का खतरा बढ़ता है, और हमें ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है जो इसे रोक सके।


New Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, "...The world also witnessed India's role during the severe COVID-19 crisis. When powerful countries were thinking only about themselves, India stepped forward and delivered vaccines to every country in need." (Source: Prime Minister Narendra Modi, YouTube)

— News Media


पीएम ने आगे कहा कि भारत की फार्मास्यूटिकल क्षमताओं के बारे में सभी को जानकारी है। कुछ साल पहले, भारत दवाओं और कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर था, लेकिन अब यह स्थिति बदल रही है।


New Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, "You are all familiar with India's pharmaceutical capabilities. However, until a few years ago, India depended heavily on imports for medicines and raw materials. Now, the country is changing this situation." (Source: Prime Minister Narendra Modi, YouTube)

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